बीमा कमीशन
18[बीमा कमीशन
19194घ. 20कोर्इ व्यक्ति, जो किसी निवासी को बीमा कारबार की मांग करने या उसे प्राप्त करने के लिए (जिसके अंतर्गत बीमा पालिसियों के बने रहने, नवीकरण या पुन: चालू करने से संबंधित कारबार भी है) पारिश्रमिक या इनाम के रूप में, चाहे वह कमीशन के रूप में या किसी दूसरे रूप में हो, कोर्इ आय संदत्त करने का उत्तरदायी है, पाने वाले के खाते में ऐसी आय जमा करते समय या उसका नकद रूप में या चैक या ड्राफ्ट जारी करके या किसी अन्य रीति से भुगतान करते समय, इनमें से जो भी पहले हो, प्रवृत्त दरों के अनुसार उस पर आय-कर की कटौती करेगा :
परन्तु इस धारा के अधीन 1 जून, 1973 के प्रथम दिन से पहले जमा की गर्इ या संदत्त की गर्इ किसी आय से कटौती नहीं की जाएगी :]
21[परन्तु यह और कि इस धारा के अधीन कोर्इ कटौती किसी ऐसे मामले में नहीं की जाएगी जहां वित्तीय वर्ष के दौरान, यथास्थिति, पाने वाले के खाते में जमा की गर्इ या उसको संदत्त की गर्इ या जमा किए जाने के लिए संभाव्य या संदत्त ऐसी आय की राशि या ऐसी आय की कुल राशि, 21क[बीस] हजार रुपए से अधिक नहीं होती है।]
18. वित्त अधिनियम, 1973 द्वारा 1.4.1973 से अंत:स्थापित।
19. परिपत्र सं. 120, तारीख 8.10.1973 भी देखिए। ब्यौरे के लिए, देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।
20. नियम 28(1), 28कक, 28कख, 30, 31, 31क, 31कख और 37 तथा प्ररूप सं. 13, 16क, 26, 26कध और 26थ देखिए।
21. वित्त अधिनियम, 1987 द्वारा 1.6.1987 से अंत:स्थापित।
21क. वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा 1.7.2010 से "पांच" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा संशोधित रूप में]

