कृषि भूमि से भिन्न कतिपय स्थावर संपत्ति के अंतरण पर संदाय
कृषि भूमि से भिन्न कतिपय स्थावर संपत्ति के अंतरण पर संदाय
194झक. (1) ऐसा कोर्इ व्यक्ति, जो कोर्इ अंतरिती है और जो किसी स्थावर संपत्ति (कृषि भूमि से भिन्न) के अंतरण के लिए प्रतिफल के रूप में किसी राशि का निवासी अंतरक को (धारा 194ठक में निर्दिष्ट व्यक्ति से भिन्न) संदाय करने के लिए उत्तरदायी है, ऐसी राशि अंतरक के खाते में जमा कराते समय या ऐसी राशि का नकद में या कोर्इ चेक या ड्राफ्ट जारी करके या किसी अन्य रीति में, इनमें से जो भी पूर्वतर हो, संदाय करते समय, ऐसी राशि के एक प्रतिशत के बराबर रकम की, उस पर आय-कर के रूप में कटौती करेगा।
(2) उपधारा (1) के अधीन कोर्इ कटौती वहां नहीं की जाएगी जहां किसी स्थावर संपत्ति के अंतरण के लिए प्रतिफल पचास लाख रुपए से कम है।
(3) धारा 203क के उपबंध ऐसे किसी व्यक्ति को लागू नहीं होंगे, जिससे इस धारा के उपबंधों के अनुसार कर की कटौती किए जाने की अपेक्षा की जाती है।
स्पष्टीकरण.—इस धारा के प्रयोजनों के लिए,—
(क) "कृषि भूमि" से भारत में ऐसी कृषि भूमि अभिप्रेत है जो धारा 2 के खंड (14) के उपखंड (iii) की मद (क) और मद (ख) में निर्दिष्ट किसी क्षेत्र में स्थित भूमि न हो;
92ज[(कक) "किसी स्थावर संपत्ति के अंतरण के लिये प्रतिफल" में क्लब की सदस्यता फीस, कार पार्किंग फीस, विद्युत या जल सुविधा फीस, रखरखाव फीस, अग्रिम फीस की प्रकृति के सभी प्रभार या समान प्रकृति के कोर्इ ऐसे अन्य प्रभार, जो स्थावर संपत्ति के अंतरण के अनुषंगी है, सम्मिलित होंगे;]
(ख) "स्थावर संपत्ति" से कोर्इ भूमि (कृषि भूमि से भिन्न) या कोर्इ भवन या किसी भवन का भाग अभिप्रेत है।
92ज. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा 1.9.2019 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

