लाभांश
लाभांश
194. भारतीय कंपनी का या ऐसी कंपनी का प्रधान अधिकारी, जिसने भारत में लाभांशों की (जिसके अंतर्गत अधिमानी शेयरों पर लाभांश भी है) घोषणा और संदाय के लिए विहित इंतजाम कर लिए हैं, कोर्इ नकद संदाय करने के पूर्व या किसी लाभांश के संबंध में कोर्इ चैक जारी करने या अधिपत्र देने के पूर्व या धारा 2 के खंड (22) के उपखंड (क) या उपखंड (ख) या उपखंड (ग) या उपखंड (घ) या उपखंड (ड़) के अर्थ में किसी लाभांश का कोर्इ वितरण या संदाय शेयर धारक को जो भारत में निवासी है करने से पूर्व, ऐसे लाभांश की रकम में से प्रवृत्त दरों के अनुसार आय-कर की कटौती करेगा :
परन्तु किसी शेयरधारक की दशा में, जो व्यष्टि हो, ऐसी कोर्इ कटौती नहीं की जाएगी, यदि–
(क) कंपनी द्वारा लाभांश पाने वाले के खाते में देय चैक द्वारा संदत्त किया जाता है; और
(ख) यथास्थिति, ऐसे लाभांश की रकम या कंपनी द्वारा शेयर धारक को वितरित या संदत्त किए जाने की संभावना है, रकम का योग दो हजार पांच सौ रुपए से अधिक नहीं है :
परंतु यह और कि इस धारा के उपबंध, निम्नलिखित में जमा या को संदत्त ऐसी आय को लागू नहीं होंगे,–
(क) जीवन बीमा निगम अधिनियम, 1956 (1956 का 31) के अधीन स्थापित भारतीय जीवन बीमा निगम को, ऐसे किन्हीं शेयरों की बाबत, जिन पर उसका स्वामित्व है या जिसमें उसका पूर्ण फायदाग्राही हित है;
(ख) साधारण बीमा कारबार (राष्ट्रीयकरण) अधिनियम, 1972 (1972 का 57) की धारा 16 की उपधारा (1) के अधीन बनार्इ गर्इ स्कीमों के आधार पर बनाए गए भारतीय साधारण बीमा निगम (जिसे इस परंतुक में इसके पश्चात् निगम कहा गया है) को या चार नर्इ कंपनियों में से किसी को (जिसे इस परंतुक में इसके पश्चात् ऐसी कंपनी कहा गया है) ऐसे किन्हीं शेयरों की बाबत, जिन पर निगम या उस कंपनी का स्वामित्व है या जिनमें ऐसे निगम या ऐसी कंपनी का पूर्ण फायदाग्राही हित है ; या
(ग) किसी अन्य बीमाकर्ता को ऐसे किन्हीं शेयरों की बाबत, जिन पर उसका स्वामित्व है या जिसमें उसका पूर्ण फायदाग्राही हित है :
परन्तु यहभी कि धारा 115ण में निर्दिष्ट किन्हीं लाभाशों की बाबत ऐसी कोर्इ कटौती नहीं की जाएगी।]
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधित रूप में]

