वेतन
ख–स्रोत पर कटौती
वेतन
192. (1) ''वेतन'' शीर्ष के अंतर्गत प्रभार्य किसी आय का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार कोर्इ व्यक्ति संदाय के समय संदेय रकम पर आय-कर की कटौती आय-कर की उस औसत दर पर करेगा जो इस शीर्ष के अंतर्गत निर्धारिती की उस वित्तीय वर्ष की प्राक्कलित आय पर, उस वित्तीय वर्ष के लिए, जिसमें संदाय किया जाता है, प्रवृत्त दरों के आधार पर संगणित हो।
(1क) उपधारा (1) के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, किसी परिलब्धि के रूप में, जो धारा 17 के खंड (2) में निर्दिष्ट धनीय संदाय के रूप में उपबंधित नहीं है, किसी आय का संदाय करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति, अपने विकल्प पर ऐसी संपूर्ण आय पर या उसके भाग के संबंध में उस समय, जब ऐसा कर उपधारा (1) के उपबंधों के अधीन अन्यथा कटौती योग्य था, उससे कोर्इ कटौती किए बिना कर का संदाय कर सकेगा।
(1ख) उपधारा (1क) के अधीन कर का संदाय करने के प्रयोजन के लिए कर "वेतन" शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय पर, जिसके अंतर्गत उपधारा (1क) में निर्दिष्ट आय भी है, उस वित्तीय वर्ष के लिए प्रवृत्त दरों के आधार पर संगणित आय-कर के औसत पर अवधारित किया जाएगा और इस प्रकार संदेय कर का यह अर्थ लगाया जाएगा मानो यह उपधारा (1) के उपबंधों के अनुसार "वेतन" शीर्ष के अधीन आय से स्रोत पर कटौती योग्य कर था और वह इस अध्याय के उपबंधों के अधीन होगा।
90ग[(1ग) यथास्थिति, उपधारा (1) या उपधारा (1क) के अधीन कर की कटौती या संदाय के प्रयोजन के लिए, कोर्इ व्यक्ति, जो धारा 80झकग में निर्दिष्ट पात्र स्टार्ट-अप है, 1 अप्रैल, 2021 को या उसके पश्चात् आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत किसी पूर्ववर्ष में धारा 17 की उपधारा (2) के खंड (vi) में विनिर्दिष्ट प्रकृति की परिलब्धि के रूप में निर्धारिती को किसी आय का संदाय करने के लिए उत्तरदायी है, यथास्थिति,—
(i) सुसंगत निर्धारण वर्ष के अंत से अड़तालीस मास की समाप्ति के पश्चात्; या
(ii) निर्धारिती द्वारा ऐसी विनिर्दिष्ट प्रतिभूति या श्रमसाध्य साधारण शेयर के विक्रय की तारीख से; या
(iii) निर्धारिती को, उस तारीख से, जिसको वह उस व्यक्ति का कर्मचारी नहीं रह जाता है,
जो भी पूर्वतम हो, चौदह दिन के भीतर उस वित्तीय वर्ष जिसमें उक्त विनिर्दिष्ट प्रतिभूति या श्रमसाध्य साधारण शेयर का आबंटन किया गया है या उसे अंतरित किया गया है, के लिए प्रवृत्त दरों के आधार पर, ऐसी आय पर कर की कटौती या उसका संदाय करेगा।]
(2) जहां, वित्तीय वर्ष के दौरान, निर्धारिती एक ही समय में एक से अधिक नियोजकों के अंतर्गत नियोजित है, या उसने एक से अधिक नियोजकों के अंतर्गत क्रमवर्ती नियोजन धारण किया है वहां वह उपधारा (1) में निर्दिष्ट संदाय करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति को (जो उक्त नियोजकों में से एक है जिसका वह अपने मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए चयन करे) ऐसे अन्य नियोजक या नियोजकों से उसको शोध्य या प्राप्त ''वेतन'' शीर्ष के अंतर्गत आय के ऐसे ब्यौरे, उससे स्रोत पर कटौती किया गया कर और ऐसी अन्य विशिष्टियां, ऐसे प्ररूप में और ऐसी रीति से, जो विहित की जाए, सत्यापित करके दे सकेगा और तब ऊपर निर्दिष्ट संदाय करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति उपधारा (1) के अंतर्गत कटौती करने के प्रयोजनों के लिए इस प्रकार दिए गए ब्यौरों को हिसाब में लेगा।
(2क) जहां ऐसा निर्धारिती, जो सरकारी सेवक है या किसी कंपनी, सहकारी सोसाइटी, स्थानीय प्राधिकारी, विश्वविद्यालय, संस्था, संगम या निकाय का कर्मचारी है, धारा 89 की उपधारा (1) के अंतर्गत राहत के लिए हकदार है वहां वह उपधारा (1) में निर्दिष्ट संदाय करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को ऐसे अन्य विशिष्टियां, ऐसे फार्म में और रीति से, जो विहित की जाए, सत्यापित करके दे सकेगा और तब यथापूर्वोक्त जिम्मेदार व्यक्ति ऐसी विशिष्टियों के आधार पर राहत की संगणना करेगा और उपधारा (1) के अंतर्गत कटौती करने में उनको हिसाब में लेगा।
स्पष्टीकरण–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए ''विश्वविद्यालय'' से किसी केन्द्रीय, राज्य या प्रांतीय अधिनियम द्वारा या उसके अंतर्गत स्थापित या निगमित विश्वविद्यालय से अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 (1956 का 3) की धारा 3 के अंतर्गत उस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए विश्वविद्यालय के रूप में घोषित की गर्इ कोर्इ संस्था भी है।
(2ख) जहां ऐसा कोर्इ निर्धारिती जो, ''वेतन'' शीर्ष के अंतर्गत प्रभार्य कोर्इ आय प्राप्त करता है, और साथ ही आय के किसी अन्य शीर्ष के अंतर्गत प्रभार्य कोर्इ आय (जो ''गृह संपत्ति से आय'' शीर्ष के अंतर्गत हानि से भिन्न किसी ऐसे शीर्ष के अंतर्गत हानि नहीं है) उसी वित्तीय वर्ष के लिए प्राप्त करता है वहां वह उपधारा (1) में उल्लिखित संदाय करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को,–
(क) ऐसी अन्य आय और इस अध्याय के किसी अन्य उपबंध के अंतर्गत उस पर कटौती किए गए कर;
(ख) ''गृह संपत्ति से आय'' शीर्ष के अंतर्गत हानि, यदि कोर्इ हो,
की विशिष्टियां, ऐसे प्ररूप में और ऐसी रीति से, जो विहित की जाए, सत्यापित करके भेज सकेगा और तब यथापूर्वोक्त जिम्मेदार व्यक्ति उपधारा (1) के अंतर्गत कटौती करने के प्रयोजनों के लिए,–
(i) ऐसी अन्य आय और उस पर काटे गए कर, यदि कोर्इ हो;
(ii) ''गृह संपत्ति से आय'' शीर्ष के अंतर्गत हानि, यदि कोर्इ हो,
को भी हिसाब में लेगा :
परन्तु किसी भी दशा में इस उपधारा का यह प्रभाव नहीं होगा कि वहां के सिवाय जहां ''गृह संपत्ति से आय'' शीर्ष के अंतर्गत हानि को हिसाब में लिया गया है, ''वेतन'' शीर्ष के अधीन आय से कटौती किया जाने वाला कर उस रकम से कम हो जाए जिसकी इस प्रकार कटौती की जाती यदि अन्य आय और उस पर कटौती किए गए कर को हिसाब में नहीं लिया जाता।
(2ग) ऐसा कोर्इ व्यक्ति, जो ''वेतन'' शीर्ष के अंतर्गत प्रभार्य किसी आय के लिये संदाय करने का जिम्मेदार है, ऐसे व्यक्ति को, जिसको ऐसा संदाय किया जाता है, वेतन के बदले में दी गर्इ परिलब्धियों या लाभों और उसके मूल्य की सही और पूर्ण विशिष्टियां देते हुए, एक विवरण ऐसे प्ररूप में और ऐसी रीति से देगा, जो विहित की जाए।
(2घ) उपधारा (1) में निर्दिष्ट जिम्मेदार व्यक्ति, संदाय करने के लिए निर्धारिती की आय का प्राक्कलन करने या उपधारा (1) के अधीन कटौती योग्य कर की संगणना करने के प्रयोजनों के लिए, निर्धारिती से विहित दावों का (जिसके अंतर्गत हानि को मुजरा करने का दावा भी है) साक्ष्य या सबूत या विशिष्टियां अधिनियम के उपबंधों के अधीन ऐसे प्ररूप में और ऐसी रीति में अभिप्राप्त करेगा, जो विहित किए जाएं।
(3) उपधारा (1) या उपधारा (1क) या उपधारा (2) या उपधारा (2क) या उपधारा (2ख) में उल्लिखित संदाय करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति, किसी ऐसे आधिक्य या कमी का समायोजन करने के प्रयोजन के लिए, जो वित्तीय वर्ष के दौरान, पूर्ववर्ती कटौती से या कटौती न करने से उत्पन्न होती हो, इस धारा के अंतर्गत कटौती की जाने वाली रकम को कटौती करते समय, बढ़ा या घटा सकेगा।
(4) किसी मान्यता प्राप्त भविष्य निधि के न्यासी या ऐसा कोर्इ व्यक्ति, जो कर्मचारियों को संदेय संचित अतिशेषों का संदाय करने के लिए निधि के विनियमों द्वारा, प्राधिकृत है, उन मामलों में, जिनमें चौथी अनुसूची के भाग क के नियम 9 का उपनियम (1) लागू होता है, कर्मचारी को संदेय संचित अतिशेष को संदत्त करते समय, उसमें से चौथी अनुसूची के भाग क के नियम 10 में उपबंधित कटौती करेगा।
(5) जहां किसी अनुमोदित अधिवार्षिकी निधि में नियोजक द्वारा किया गया अभिदाय, जिसके अंतर्गत ऐसे अभिदायों पर ब्याज, यदि कोर्इ हो, भी है, कर्मचारी को संदत्त किया जाता है, वहां इस प्रकार संदाय की गर्इ रकम पर निधि के न्यासियों द्वारा कर की कटौती उस परिमाण तक की जाएगी जिस तक चौथी अनुसूची के भाग ख के नियम 6 में उपबंधित है।
(6) विदेशी मुद्रा में संदेय वेतन पर कटौती के प्रयोजनों के लिए, ऐसे वेतन का रुपयों में मूल्य विनिमय की विहित दर के अनुसार परिकलित किया जाएगा।
90ग. वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा 1.4.2020 से अंत:स्थापित
[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

