आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 170क

किसी कारबार पुनर्गठन के संबंध में अधिकरण या न्यायालय के किसी आदेश का प्रभाव

धारा

धारा संख्या

170क

अध्याय शीर्षक

अध्याय XV - विशेष मामले में देयता

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2023

किसी कारबार पुनर्गठन के संबंध में अधिकरण या न्यायालय के किसी आदेश का प्रभाव

किसी कारबार पुनर्गठन के संबंध में अधिकरण या न्यायालय के किसी आदेश का प्रभाव

1[किसी कारबार पुनर्गठन के संबंध में अधिकरण या न्यायालय के किसी आदेश का प्रभाव।

170क. (1) धारा 139 में अंतर्विष्ट तत्प्रतिकूल किसी बात के होते हुए भी, कारबार पुनर्गठन की दशा में, जहां, यथास्थिति, उच्च न्यायालय या अधिकरण या दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, 2016 (2016 का 31) की धारा 5 के खंड (1) में यथापरिभाषित न्यायनिर्णयन प्राधिकारी के आदेश (जिसे इसमें इसके पश्चात् कारबार पुनर्गठन के संबंध में आदेश कहा गया है) की तारीख से पूर्व, उस पूर्ववर्ष, जिसको ऐसा आदेश लागू होता है, से सुसंगत किसी निर्धारण वर्ष के लिए धारा 139 के उपबंधों के अधीन इकाई द्वारा आय की कोई विवरणी प्रस्तुत की गई है, तो ऐसा उत्तराधिकारी, उस मास, जिसमें उक्त आदेश जारी किया गया था, के अंतिम दिन से छह मास की अवधि के भीतर, उक्त आदेश के अनुसार और उस तक सीमित, ऐसे प्ररूप और रीति में, जो विहित की जाए, उपांतरित विवरणी प्रस्तुत करेगा।

(2) जहां उस पूर्ववर्ष से, जिसको कारबार पुनर्गठन के संबंध में आदेश लागू होता है, सुसंगत किसी निर्धारण वर्ष के लिए निर्धारण या पुन:निर्धारण कार्यवाहियां, —

(क) उपधारा (1) के उपबंधों के अनुसार उपांतरित विवरणी प्रस्तुत करने की तारीख को पूर्ण हो गई हैं, तो निर्धारण अधिकारी, ऐसे आदेश के अनुसार और इस प्रकार प्रस्तुत उपांतरित विवरणी को ध्यान में रखते हुए, ऐसे निर्धारण या पुन:निर्धारण में अवधारित सुसंगत निर्धारण वर्ष की कुल आय को उपांतरित करने वाला कोई आदेश पारित करेगा ;

(ख) उपधारा (1) के उपबंधों के अनुसार, उपांतरित विवरणी प्रस्तुत करने की तारीख को लंबित हैं, वहां निर्धारण अधिकारी, कारबार पुनर्गठन के आदेश के अनुसार और इस प्रकार प्रस्तुत उपांतरित विवरणी को ध्यान में रखते हुए, सुसंगत निर्धारण वर्ष की कुल आय का निर्धारण या पुन: निर्धारण करने वाला आदेश पारित करेगा ।

(3) इस धारा में यथा उपबंधित के सिवाय, इस धारा के अधीन किसी निर्धारण वर्ष के संबंध में किए गए किसी निर्धारण या पुन: निर्धारण में इस अधिनियम के अन्य सभी उपबंध लागू होंगे तथा ऐसे निर्धारण वर्ष को यथा लागू दर या दरों पर कर प्रभार्य होंगे ।

स्पष्टीकरण—इस धारा में,

 (i)  "कारबार पुनर्गठन" पद से एक या अधिक व्यक्तियों के कारबार का समामेलन या निर्विलयन या विलयन अंतर्वलित करने वाला कारबार का पुनर्गठन अभिप्रेत है ;

(ii)  "उत्तराधिकारी" पद से किसी कारबार पुनर्गठन में सभी परिणामी कंपनियां अभिप्रेत हैं, चाहे वह कंपनी ऐसे कारबार पुनर्गठन के पूर्व अस्तित्व में थी या नहीं ।]

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा संशोधित रूप मेंें]

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