ऐसे मामले जिनमें न्यास की आय का भाग प्रभार्य हो
ऐसे मामले जिनमें न्यास की आय का भाग प्रभार्य हो
165. जहां किसी न्यास की आय का केवल एक भाग इस अधिनियम के अधीन प्रभार्य है, हिताधिकारी द्वारा वहां न्यास से प्राप्य आय का केवल उतना अनुपात, जितना इस प्रकार प्रभार्य आय का न्यास की संपूर्ण आय से है, उस भाग से प्राप्त समझा जाएगा।
[वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा संशोधित रूप में]

