धारा 44कड़ का संशोधन
धारा 44कड़ का संशोधन
16. आय-कर अधिनियम की धारा 44कड़ में, 1 अप्रैल, 2015 से,–
(i) उपधारा (2) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा रखी जाएगी, अर्थात् :–
"(2) उपधारा (1) के प्रयोजन के लिए, प्रत्येक माल वाहन से लाभ और अभिलाभ, ऐसे प्रत्येक मास या मास के ऐसे भाग के लिए, जिसके दौरान माल वाहन पूर्ववर्ष में निर्धारिती के स्वामित्व में रहता है, सात हजार पांच सौ रुपए के बराबर रकम या वह रकम होगी, जिसके लिए यह दावा किया गया है कि वह ऐसे यान से वस्तुत: अर्जित की गर्इ है, इनमें से जो भी अधिक हो।";
(ii) स्पष्टीकरण में, खंड (क) के स्थान पर, निम्नलिखित खंड रखा जाएगा, अर्थात् :–
‘(क) "माल वाहन" पद का वह अर्थ होगा, जो मोटर यान अधिनियम, 1988 (1988 का 59) की धारा 2 में उसका है ;'।
[वित्त (संख्यांक 2) अधिनियम, 2014]

