आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 158कक

प्रक्रिया, जब राजस्व द्वारा किसी अपील में, विधि का समरूप प्रश्न उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित हो।

धारा

धारा संख्या

158कक

अध्याय शीर्षक

अध्याय XIVक - दोहराव अपील से बचने के लिए विशेष प्रावधान

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2023

प्रक्रिया, जब राजस्व द्वारा किसी अपील में, विधि का समरूप प्रश्न उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित हो।

प्रक्रिया, जब राजस्व द्वारा किसी अपील में, विधि का समरूप प्रश्न उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित हो।

प्रक्रिया, जब राजस्व द्वारा किसी अपील में, विधि का समरूप प्रश्न उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित हो।

158कक. (1) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां आयुक्त या प्रधान आयुक्त की यह राय है कि किसी निर्धारण वर्ष के लिए किसी निर्धारिती के मामले में उद्भूत होने वाला विधि का कोई प्रश्न (ऐसे मामले को इसमें सुसंगत मामले के रूप में निर्दिष्ट किया गया है) दूसरे निर्धारण वर्ष के लिए उसके मामले में उद्भूत होने वाले ऐसे विधि के प्रश्न के समरूप हो जो धारा 261 के अधीन किसी अपील में या निर्धारिती के पक्ष में उच्च न्यायालय के आदेश के विरुद्ध (ऐसे मामले को इसमें अन्य मामले के रूप में निर्दिष्ट किया गया है), संविधान के अनुच्छेद 136 के अधीन किसी विशेष इजाजत याचिका में, उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित हो, वहां धारा 253 की उपधारा (2) या उपधारा (2क) के अधीन निर्धारण अधिकारी को अपील अधिकरण में अपील करने के लिए देने के बजाय, आयुक्त (अपील) का आदेश प्राप्त होने की तारीख से साठ दिनों के भीतर विहित प्ररूप में निर्धारण अधिकारी को अपील अधिकरण में आवेदन करने का निदेश दे सकेगा कि सुसंगत मामले में उद्भूत विधि के प्रश्न पर अपील, अन्य मामले में विधि का प्रश्न अंतिम रूप से विनिश्चित होने पर फाइल की जाए।

1 [परंतु यह कि 1 अप्रैल, 2022 को या उसके पश्चात् ऐसा कोई निदेश नहीं दिया जाएगा।]

(2) आयुक्त या प्रधान आयुक्त, निर्धारण अधिकारी को उपधारा (1) के अधीन आवेदन करने का निदेश देगा यदि निर्धारिती से इस आय की स्वीकृति प्राप्त होती है कि अन्य मामले में विधि का प्रश्न सुसंगत मामले में उस उद्भूत के समरूप है; और यदि ऐसी कोई स्वीकृति प्राप्त नहीं होती है तो आयुक्त या प्रधान आयुक्त धारा 253 की उपधारा (2) या उपधारा (2क) के उपबंधों के अनुसार आगे कार्यवाही करेगा।

(3) जहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट आयुक्त (अपील) का आदेश अन्य मामले में विधि के प्रश्न पर अंतिम विनिश्चय के अनुरूप न हो, वहां आयुक्त या प्रधान आयुक्त, ऐसे आदेश के विरुद्ध अपील अधिकरण में अपील करने के लिए निर्धारण अधिकारी को निदेश दे सकेगा और इस धारा में अन्यथा उपबंधित के सिवाय अध्याय 10 के भाग ख के सभी अन्य उपबंध तद्नुसार लागू होंगे।

(4) उपधारा (3) के अधीन प्रत्येक अपील, उस तारीख से जब उच्चतम न्यायालय का अन्य मामले में आदेश आयुक्त या प्रधान आयुक्त को संसूचित किया जाए, साठ दिनों के भीतर फाइल की जाएगी।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा संशोधित रूप में]

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