मांग की सूचना
मांग की सूचना42
156. जहां इस अधिनियम के अधीन पारित किसी आदेश के परिणामस्वरूप कोर्इ कर, ब्याज, शास्ति जुर्माना या कोर्इ अन्य राशि 43[***] संदेय है, वहां 44[निर्धारण] अधिकारी इस प्रकार संदेय राशि को विनिर्दिष्ट करते हुए विहित प्ररूप45 में मांग सूचना निर्धारिती पर तामील करेगा :
45क[परंतु जहां 45ख[धारा 143 की उपधारा (1) या धारा 200क की उपधारा (1) या धारा 206गख की उपधारा (1) के अधीन किसी राशि का अवधारण निर्धारिती द्वारा या कटौतीकर्ता द्वारा या संग्रहणकर्ता द्वारा], वहां उन उपधाराओं के अधीन सूचना को, इस धारा के प्रयोजनों के लिए मांग की सूचना समझा जाएगा।]
42. विभागीय अनुदेश के लिए सम्बंधित केस लाज़ देखिए।
43. वित्त अधिनियम, 1966 द्वारा 1.4.1967 से ''(जिसके अंतर्गत अध्याय 22क में निर्दिष्ट वार्षिकी निक्षेप भी है)'' का लोप किया गया। मूलत: उक्त पद वित्त अधिनियम, 1964 द्वारा 1.4.1964 से अंत:स्थापित किया गया था।
44. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से 'आय-कर' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
45. मांग सूचना के लिए देखिए, नियम 15 और प्ररूप सं. 7. अग्रिम कर की मांग सूचना के लिए देखिए नियम 38 और प्ररूप सं. 28.
45क. वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा 1.7.2012 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व, वित्त अधिनियम, 2008 द्वारा 1.4.2008 से अंत:स्थापित इस प्रकार था :
"परंतु यह कि जहां धारा 143 की उपधारा (1) के अधीन कोर्इ राशि निर्धारिती द्वारा संदेय अवधारित की जाती है, वहां उस उपधारा के अधीन संसूचना इस धारा के प्रयोजनों के लिए मांग की सूचना समझी जाएगी।"
45ख. वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा 1.6.2015 से ''धारा 143 की उपधारा (1) या धारा 200क की उपधारा (1) के अधीन किसी राशि का अवधारण निर्धारिती द्वारा या कटौतीकर्ता द्वारा'' शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा संशोधित रूप में]

