ऐसी आय के संबंध में किया गया व्यय, जो कुल आय में सम्मिलित नहीं किया जा सकता
26[ऐसी आय के संबंध में किया गया व्यय, जो कुल आय27 में सम्मिलित नहीं किया जा सकता
14क. 28[(1)] इस अध्याय के अधीन कुल आय की संगणना करने के प्रयोजन के लिए निर्धारिती द्वारा उस आय के संबंध में किए गए व्यय की बाबत, जो इस अधिनियम के अधीन कुल आय का भाग नहीं है, कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।]
29[(2) निर्धारण अधिकारी, ऐसी आय के संबंध में, जो इस अधिनियम के अधीन कुल आय का भाग नहीं है, उपगत व्यय की रकम का, ऐसी पद्धति के अनुसार, जो विहित की जाए, अवधारण करेगा, यदि निर्धारण अधिकारी का, निर्धारिती के लेखाओं को ध्यान में रखते हुए, ऐसी आय के संबंध में, जो इस अधिनियम के अधीन कुल आय का भाग नहीं है, ऐसे व्यय के बारे में निर्धारिती के दावे की शुद्धता का समाधान नहीं होता है।
(3) उपधारा (2) के उपबंध, उस मामले के संबंध में भी लागू होंगे, जहां कोर्इ निर्धारिती यह दावा करता है कि उसके द्वारा उस आय के संबंध में, जो इस अधिनियम के अधीन कुल आय का भाग नहीं है, कोर्इ व्यय उपगत नहीं किया गया है :]
30[परन्तु इस धारा की कोर्इ बात 1 अप्रैल, 2001 को या उससे पूर्व आरंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष के लिए निर्धारण अधिकारी को धारा 147 के अधीन पुनर्निर्धारण करने या धारा 154 के अधीन निर्धारण बढ़ाने या पहले से किए गए प्रतिदाय (रिफंड) में कमी करने या अन्यथा निर्धारिती के दायित्व को बढ़ाने संबंधी आदेश पारित करने के लिए सशक्त नहीं करेगी।]
26. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.1962 से भूतलक्षी प्रभाव से अंत:स्थापित।
27. परिपत्र सं. 11/2001, तारीख 23.7.2001 देखें।
28. वित्त अधिनियम, 2006 द्वारा 1.4.2007 से अंत:स्थापित।
29. यथोक्त द्वारा अंत:स्थापित।
30. वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 11.5.2001 से भूतलक्षी प्रभाव से अंत:स्थापित।
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा संशोधित रूप में]

