कतिपय मामलों में निर्धारण, पुन:निर्धारण या पुन:संगणना के लिए पूर्वानुमोदन
1[कतिपय मामलों में निर्धारण, पुन:निर्धारण या पुन:संगणना के लिए पूर्वानुमोदन।
148ख. संयुक्त आयुक्त से नीचे की पंक्ति के किसी निर्धारण अधिकारी द्वारा निर्धारण या पुन:निर्धारण या पुन:संगणना का कोई आदेश सिवाय अपर आयुक्त या अपर निदेशक या संयुक्त आयुक्त या संयुक्त निदेशक के पूर्वानुमोदन से उस निर्धारण वर्ष के संबंध में पारित नहीं किया जाएगा, जिसके अधीन धारा 148 के स्पष्टीकारण 2 के खंड (i) या खंड (ii) या खंड (iii) या खंड (iv) में निर्दिष्ट परिस्थितियां आती हैं। ]
[वित्त अधिनियम, 2024 द्वारा संशोधित रूप में]

