आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 148

जहां आय निर्धारण से छूट गई है, वहां सूचना का जारी किया जाना

धारा

धारा संख्या

148

अध्याय शीर्षक

अध्याय XIV - मूल्यांकन के लिए प्रक्रिया

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2023

जहां आय निर्धारण से छूट गई है, वहां सूचना का जारी किया जाना

जहां आय निर्धारण से छूट गई है, वहां सूचना का जारी किया जाना

1 [सूचना जारी करना जहां आय निर्धारण से छूट गई है

148. धारा 147 के अधीन निर्धारण, पुनर्निर्धारण, या पुन:संगणना करने से पूर्व और धारा 148क के उपबंधों के अधीन रहते हुए, निर्धारण अधिकारी धारा 148क के खंड (घ) के अधीन उससे 3क[उस मास के अंत से, जिसमें सूचना जारी की जाए, से तीन मास की अवधि के भीतर, या ऐसी और अवधि, जो निर्धारिती द्वारा इस संबंध में किए गए आवेदन के आधार पर निर्धारण अधिकारी द्वारा अनुज्ञात की जाए,], पारित आदेश के साथ एक सूचना की तामील निर्धारिती को करेगा, यदि अपेक्षित हो, उसकी आय की विवरणी या किसी अन्य व्यक्ति की आय की विवरणी, जिसके संबंध में वह सुसंगत निर्धारण वर्ष से तत्स्थानी पूर्ववर्ष के दौरान इस अधिनियम के अधीन निर्धारण है, विहित प्ररूप में और विहित रीति में सत्यापित तथा उसमें ऐसी अन्य विशिष्टियों को दर्शाते हुए, जो विहित की जाएं, प्रस्तुत करेगा; और इस अधिनियम के उपबंध जहां तक संभव हो तदनुसार लागू होंगे मानो ऐसी विवरणी धारा 139 के अधीन प्रस्तुत किए जाने के लिए अपेक्षित विवरणी हो:

परन्तु इस धारा के अधीन कोई सूचना तब तक जारी नहीं की जाएगी जब तक निर्धारण अधिकारी के पास ऐसी सूचना हो, जिससे यह प्रतीत होता हो कि कर से प्रभार्य आय किसी निर्धारिती की दशा में सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए छूट गई है और निर्धारण अधिकारी द्वारा विनिर्दिष्ट प्राधिकारी से जारी की जाने वाली ऐसी सूचना जारी करने का पूर्व अनुमोदन अभिप्राप्त कर लिया गया है।

1कक[परंतु यह और कि ऐसा कोई अनुमोदन अपेक्षित नहीं होगा, जहां निर्धारण अधिकारी ने विनिर्दिष्ट प्राधिकारी के पूर्वानुमोदन से धारा 148क के खंड (घ) के अधीन इस प्रभाव का कोई आदेश पारित किया है कि वह इस धारा के अधीन कोई सूचना जारी करने के लिए उचित मामला है।;]

4[परंतु यह भी कि आय की कोई विवरणी, जिसका किसी निर्धारिती द्वारा इस धारा के अधीन प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित है और जिसे अनुज्ञात अवधि से परे प्रस्तुत किया गया है, को धारा 139 के अधीन विवरणी नहीं समझा जाएगा ।]

स्पष्टीकरण 1- इस धारा और धारा 148क के प्रयोजनों के लिए, निर्धारण अधिकारी के पास सूचना, जिससे यह प्रतीत होता हो कि कर से प्रभार्य आय निर्धारण से छूट गई है, से—

   (i) समय-समय पर बोर्ड द्वारा विरचित जोखिम प्रबंधन रणनीति के अनुसार निर्धारण वर्ष से सुसंगत निर्धारिती की दशा में 1ककक[***] कोई सूचना अभिप्रेत है;

   1कख[(ii) इस प्रभाव का कोई लेखापरीक्षा आक्षेप कि सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए निर्धारिती की दशा में निर्धारण इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार नहीं किया गया है ; या

   (iii) अधिनियम की धारा 90 या धारा 90क में निर्दिष्ट किसी करार के अधीन प्राप्त कोई सूचना ; या

   (iv) धारा 135क के अधीन अधिसूचित स्कीम के अधीन निर्धारण अधिकारी को उपलब्ध कराई गई कोई सूचना ; या

   (v) कोई सूचना, जो किसी अधिकरण या किसी न्यायालय के आदेश के परिणामस्वरूप किसी कार्रवाई की अपेक्षा करती है।;]

स्पष्टीकरण 2— इस धारा के प्रयोजनों के लिए, जहां,—

   (i) धारा 132 के अधीन कोई तलाशी संस्थित की गई है या धारा 132क के अधीन लेखा बहियों, अन्य दस्तावेजों या किन्हीं आस्तियों की निर्धारिती की दशा में, 1 अप्रैल, 2021 को या उसके पश्चात् अध्यपेक्षा की गई है; या

  (ii) निर्धारिती की दशा में, 1 अप्रैल, 2021 को या उसके पश्चात् धारा 133क की उपधारा (2क) 2क[***] से भिन्न, उस धारा के अधीन कोई सर्वेक्षण संचालित किया गया है; या

 (iii) प्रधान आयुक्त या आयुक्त के पूर्वानुमोदन से निर्धारण अधिकारी का यह समाधान हो गया है कि कोई धन, सोना-चांदी, आभूषण या अन्य मूल्यवान वस्तु या चीज, जिसका किसी अन्य व्यक्ति की दशा में 1 अप्रैल, 2021 को या उसके पश्चात् अभिग्रहण किया गया है या धारा 132 या धारा 132क के अधीन अध्यपेक्षा की गई है, निर्धारिती से संबंधित है; या

 (iv) प्रधान आयुक्त या आयुक्त के पूर्वानुमोदन से निर्धारण अधिकारी का यह समाधान हो गया है कि किसी अन्य व्यक्ति की दशा में 1 अप्रैल, 2021 को या उसके पश्चात् अभिग्रहण या धारा 132 या धारा 132क के अधीन अध्यपेक्षा की गई लेखा बहियां या दस्तावेज, उनमें अंतर्विष्ट किसी सूचना का है, जो निर्धारिती से संबंधित है,

यह समझा जाएगा कि निर्धारण अधिकारी के पास सूचना है, जिससे यह प्रतीत होता है कि निर्धारिती की दशा में पूर्व वर्ष, जिसमें तलाशी आरंभ की गई है या लेखा बहियां, अन्य दस्तावेज या किन्हीं आस्तियों की अध्यपेक्षा की गई या सर्वेक्षण संचालित किया गया है, या धन, सोना-चांदी, आभूषण या अन्य मूल्यवान वस्तु या चीज या लेखा बहियां या दस्तावेजों का किसी अन्य व्यक्ति की दशा में अभिग्रहण किया गया है या अध्यपेक्षा की गई है, 2ख[जहाँ] कर से प्रभार्य आय निर्धारण से रह गई है।

स्पष्टीकरण 3- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, विनिर्दिष्ट प्राधिकारी से धारा 151 के अनुसार विनिर्दिष्ट प्राधिकारी अभिप्रेत है।]

 

 

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा संशोधित रूप मेंें]

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