आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

मुख्य सामग्री पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
सुलभता विकल्प
शब्द आकार
सैचुरेशन
मदद

धारा 148

जहां आय निर्धारण से छूट गई है, वहां सूचना का जारी किया जाना

धारा

धारा संख्या

148

अध्याय शीर्षक

अध्याय XIV - मूल्यांकन के लिए प्रक्रिया

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2021

जहां आय निर्धारण से छूट गई है, वहां सूचना का जारी किया जाना

जहां आय निर्धारण से छूट गई है, वहां सूचना का जारी किया जाना

1 [सूचना जारी करना जहां आय निर्धारण से छूट गई है

148. धारा 147 के अधीन निर्धारण, पुनर्निर्धारण, या पुन:संगणना करने से पूर्व और धारा 148क के उपबंधों के अधीन रहते हुए, निर्धारण अधिकारी धारा 148क के खंड (घ) के अधीन उससे ऐसी अवधि के भीतर, जो सूचना में विहित की जाए, पारित आदेश के साथ एक सूचना की तामील निर्धारिती को करेगा, यदि अपेक्षित हो, उसकी आय की विवरणी या किसी अन्य व्यक्ति की आय की विवरणी, जिसके संबंध में वह सुसंगत निर्धारण वर्ष से तत्स्थानी पूर्ववर्ष के दौरान इस अधिनियम के अधीन निर्धारण है, विहित प्ररूप में और विहित रीति में सत्यापित तथा उसमें ऐसी अन्य विशिष्टियों को दर्शाते हुए, जो विहित की जाएं, प्रस्तुत करेगा; और इस अधिनियम के उपबंध जहां तक संभव हो तदनुसार लागू होंगे मानो ऐसी विवरणी धारा 139 के अधीन प्रस्तुत किए जाने के लिए अपेक्षित विवरणी हो:

परन्तु इस धारा के अधीन कोई सूचना तब तक जारी नहीं की जाएगी जब तक निर्धारण अधिकारी के पास ऐसी सूचना हो, जिससे यह प्रतीत होता हो कि कर से प्रभार्य आय किसी निर्धारिती की दशा में सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए छूट गई है और निर्धारण अधिकारी द्वारा विनिर्दिष्ट प्राधिकारी से जारी की जाने वाली ऐसी सूचना जारी करने का पूर्व अनुमोदन अभिप्राप्त कर लिया गया है

स्पष्टीकरण 1- इस धारा और धारा 148क के प्रयोजनों के लिए, निर्धारण अधिकारी के पास सूचना, जिससे यह प्रतीत होता हो कि कर से प्रभार्य आय निर्धारण से छूट गई है, से

   (i) समय-समय पर बोर्ड द्वारा विरचित जोखिम प्रबंधन रणनीति के अनुसार निर्धारण वर्ष से सुसंगत निर्धारिती की दशा में चिन्हांकित कोई सूचना अभिप्रेत है;

  (ii) भारत के नियंत्रक और महालेखापरीक्षक द्वारा इस प्रभाव का किया गया कोई अंतिम आक्षेप कि सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए निर्धारिती की दशा में, निर्धारण इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार नहीं किया गया है, अभिप्रेत है

स्पष्टीकरण 2— इस धारा के प्रयोजनों के लिए, जहां,—

   (i) धारा 132 के अधीन कोई तलाशी संस्थित की गई है या धारा 132क के अधीन लेखा बहियों, अन्य दस्तावेजों या किन्हीं आस्तियों की निर्धारिती की दशा में, 1 अप्रैल, 2021 को या उसके पश्चात् अध्यपेक्षा की गई है; या

  (ii) निर्धारिती की दशा में, 1 अप्रैल, 2021 को या उसके पश्चात् धारा 133क की उपधारा (2क) या उपधारा (5) से भिन्न, उस धारा के अधीन कोई सर्वेक्षण संचालित किया गया है; या

 (iii) प्रधान आयुक्त या आयुक्त के पूर्वानुमोदन से निर्धारण अधिकारी का यह समाधान हो गया है कि कोई धन, सोना-चांदी, आभूषण या अन्य मूल्यवान वस्तु या चीज, जिसका किसी अन्य व्यक्ति की दशा में 1 अप्रैल, 2021 को या उसके पश्चात् अभिग्रहण किया गया है या धारा 132 या धारा 132क के अधीन अध्यपेक्षा की गई है, निर्धारिती से संबंधित है; या

 (iv) प्रधान आयुक्त या आयुक्त के पूर्वानुमोदन से निर्धारण अधिकारी का यह समाधान हो गया है कि किसी अन्य व्यक्ति की दशा में 1 अप्रैल, 2021 को या उसके पश्चात् अभिग्रहण या धारा 132 या धारा 132क के अधीन अध्यपेक्षा की गई लेखा बहियां या दस्तावेज, उनमें अंतर्विष्ट किसी सूचना का है, जो निर्धारिती से संबंधित है,

       यह समझा जाएगा कि निर्धारण अधिकारी के पास सूचना है, जिससे यह प्रतीत होता है कि निर्धारिती की दशा में पूर्व वर्ष, जिसमें तलाशी आरंभ की गई है या लेखा बहियां, अन्य दस्तावेज या किन्हीं आस्तियों की अध्यपेक्षा की गई या सर्वेक्षण संचालित किया गया है, या धन, सोना-चांदी, आभूषण या अन्य मूल्यवान वस्तु या चीज या लेखा बहियां या दस्तावेजों का किसी अन्य व्यक्ति की दशा में अभिग्रहण किया गया है या अध्यपेक्षा की गई है, से सुसंगत पूर्ववर्ती निर्धारण वर्ष से तुरंत पूर्व तीन निर्धारण वर्षों के लिए कर से प्रभार्य आय निर्धारण से रह गई है

स्पष्टीकरण 3- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, विनिर्दिष्ट प्राधिकारी से धारा 151 के अनुसार विनिर्दिष्ट प्राधिकारी अभिप्रेत है।]

 

 

1. वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा 1.4.2021 से प्रतिस्थापित । प्रतिस्थापन से पूर्व धारा 148 निम्न प्रकार थी

जहां आय निर्धारण से छूट गई है, वहां सूचना का जारी किया जाना—

"148 (1) धारा 147 के अधीन निर्धारण, पुन: निर्धारण या पुन: संगणना करने के पूर्व, निर्धारण अधिकारी निर्धारिती पर उससे यह अपेक्षा करने वाली सूचना तामील करेगा कि वह ऐसी अवधि के भीतर जो सूचना में विनिर्दिष्ट की जाए, सुसंगत निर्धारण वर्ष के तत्स्थानी पूर्ववर्ष के दौरान अपनी आय की या किसी अन्य व्यक्ति की आय की, जिसकी बाबत वह इस अधिनियम के अधीन निर्धारणीय है, विहित प्ररूप में और विहित रीति से सत्यापित तथा ऐसी अन्य विशिष्टियों को जो विहित की जाए, उल्लिखित करते हुए एक विवरणी दे और इस अधिनियम के उपबंध, जहां तक हो सके, तदनुसार उसी प्रकार लागू होंगे मानों वह विवरणी ऐसी विवरणी हो जो धारा 139 के अधीन दी जानी अपेक्षित है:

परंतु यह कि ऐसे किसी मामले में,–

() जहां कि इस धारा के अधीन तामील की गई किसी सूचना के उत्तर में 1 अक्तूबर, 1991 को प्रारंभ होने वाली और 30 सितंबर, 2005 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान कोई विवरणी दी गई है और

() तत्पश्चात् धारा 143 की उपधारा (2) के अधीन किसी सूचना की, धारा 143 की उपधारा (2) के परंतुक में, जैसे कि वह वित्त अधिनियम, 2002 (2002 का 20) द्वारा उक्त उपधारा का संशोधन किए जाने से ठीक पूर्व विद्यमान था, विनिर्दिष्ट बारह मास के अवसान के पश्चात् किंतु धारा 153 की उपधारा (2) में यथाविनिर्दिष्ट निर्धारण, पुनर्निर्धारण या पुनर्संगणना करने की समय-सीमा के अवसान से पूर्व, तामील की गई है, वहां इस खंड में निर्दिष्ट प्रत्येक ऐसी सूचना को विधिमान्य सूचना समझा जाएगा :

परंतु यह और कि ऐसे किसी मामले में,–

() जहां कि इस धारा के अधीन तामील की गई किसी सूचना के उत्तर में 1 अक्तूबर, 1991 को प्रारंभ होने वाली और 30 सितंबर, 2005 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान कोई विवरणी दी गई है, और

() तत्पश्चात् धारा 143 की उपधारा (2) के खंड (ii) के अधीन किसी सूचना की धारा 143 की उपधारा (2) के खंड (ii) के परंतुक में विनिर्दिष्ट बारह मास के अवसान के पश्चात् किंतु धारा 153 की उपधारा (2) में यथाविनिर्दिष्ट निर्धारण, पुनर्निर्धारण या पुनर्संगंणना करने की समय-सीमा के अवसान से पूर्व, तामील की गई है, वहां इस खंड में निर्दिष्ट प्रत्येक ऐसी सूचना को विधिमान्य सूचना समझा जाएगा।

स्पष्टीकरण.–शंकाओं को दूर करने के लिए यह घोषित किया जाता है कि पहले परंतुक या दूसरे परंतुक में की कोई भी बात, इस धारा के अधीन तामील की गई किसी सूचना के उत्तर में 1 अक्तूबर, 2005 को या उसके पश्चात् दी गई विवरणी को लागू नहीं होगी।

(2) निर्धारण अधिकारी इस धारा के अधीन कोई सूचना जारी करने से पूर्व ऐसा करने के अपने कारणों को लेखबद्ध करेगा।"

 

 

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

फ़ुटनोट