आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 144ग

विवाद समाधान पैनल को निर्देश

धारा

धारा संख्या

144ग

अध्याय शीर्षक

अध्याय XIV - मूल्यांकन के लिए प्रक्रिया

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2014

विवाद समाधान पैनल को निर्देश

विवाद समाधान पैनल को निर्देश

92कग[विवाद समाधान पैनल को निर्देश

144ग. (1) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी, निर्धारण अधिकारी, प्रथम बार पात्र निर्धारिती को, यदि वह 1 अक्तूबर, 2009 या उसके पश्चात् आय या हानि विवरणी में ऐसा कोर्इ परिवर्तन करने का प्रस्ताव करता है, जो ऐसे निर्धारिती के हित के प्रतिकूल है, निर्धारण के प्रस्तावित आदेश का एक प्रारूप (जिसे इस धारा में इसके पश्चात् प्रारूप आदेश कहा गया है) अग्रेषित करेगा।

(2) प्रारूप आदेश प्राप्त करने पर पात्र निर्धारिती प्रारूप आदेश के उसे प्राप्त होने के तीस दिन के भीतर,–

() परिवर्तनों के प्रति अपनी स्वीकृति निर्धारण अधिकारी को फाइल करेगा; या

() ऐसे परिवर्तनों के संबंध में अपने आक्षेप, यदि कोर्इ हों,-

(i) विवाद समाधान पैनल; और

(ii) निर्धारण अधिकारी,

को फाइल करेगा।

(3) निर्धारण अधिकारी प्रारूप आदेश के आधार पर निर्धारण पूर्ण करेगा यदि,-

() निर्धारिती परिवर्तनों की स्वीकृति की संसूचना निर्धारण अधिकारी को देता है; या

() उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर कोर्इ आक्षेप प्राप्त नहीं होते हैं।

(4) निर्धारण अधिकारी, धारा 153 92ख[या धारा 153ख] में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, उस मास के, जिसमें-

() स्वीकृति प्राप्त होती है; या

() उपधारा (2) के अधीन आक्षेप फाइल करने की अवधि समाप्त हो जाती है,

अंत से एक मास के भीतर उपधारा (3) के अधीन निर्धारण आदेश पारित करेगा।

(5) विवाद समाधान पैनल, ऐसे किसी मामले में, जहां उपधारा (2) के अधीन कोर्इ आक्षेप प्राप्त होता है, निर्धारण अधिकारी को निर्धारण पूरा करने में उसे समर्थ बनाने के लिए उसके मार्गदर्शन हेतु ऐसे निदेश जारी करेगा, जो वह ठीक समझे।

(6) विवाद समाधान पैनल निम्नलिखित पर विचार करने के पश्चात् उपधारा (5) में निर्दिष्ट निदेश जारी करेगा, अर्थात्-

() प्रारूप आदेश;

() निर्धारिती द्वारा फाइल किए गए आक्षेप;

() निर्धारिती द्वारा दिया गया साक्ष्य;

() निर्धारण अधिकारी, मूल्यांकन अधिकारी या अंतरण कीमत अधिकारी या किसी अन्य प्राधिकारी की रिपोर्ट, यदि कोर्इ हो;

() प्रारूप आदेश से संबंधित अभिलेख;

() उसके द्वारा एकत्रित या एकत्रित कराया गया साक्ष्य; और

() उसके द्वारा की गर्इ या करार्इ गर्इ किसी जांच का परिणाम।

(7) विवाद समाधान पैनल, उपधारा (5) में निर्दिष्ट कोर्इ निदेश जारी करने से पूर्व,-

() ऐसी अतिरिक्त जांच कर सकेगा, जो वह ठीक समझे, या

() किसी आय-कर प्राधिकारी द्वारा कोर्इ अतिरिक्त जांच करा सकेगा और उसके परिणाम की रिपोर्ट उसे दे सकेगा।

(8) विवाद समाधान पैनल प्रारूप आदेश में प्रस्तावित परिवर्तनों की पुष्टि कर सकेगा, उन्हें कम या वर्धित कर सकेगा, तथापि वह किसी प्रस्तावित परिवर्तन को अपास्त नहीं करेगा अथवा अतिरिक्त जांच करने और निर्धारण आदेश पारित करने के लिए उपधारा (5) के अधीन कोर्इ निदेश जारी नहीं करेगा।

92ग[स्पष्टीकरण–शंकाओं को दूर करने के लिए यह घोषित किया जाता है कि विवाद समाधान पैनल की परिवर्तन को वर्धित करने की शक्ति में प्रारूप आदेश से संबंधित निर्धारण कार्यवाहियों से उद्भूत होने वाले किसी मामले पर, इस बात के होते हुए भी कि ऐसा मामला पात्र निर्धारिती द्वारा उठाया गया था या नहीं, विचार करने की शक्ति सम्मिलित होगी और सदैव सम्मिलित की गर्इ समझी जाएगी।]

(9) यदि विवाद समाधान पैनल के सदस्यों में किसी प्रश्न के संबंध में मतभेद है तो उस प्रश्न का विनिश्चय सदस्यों के बहुमत की राय के अनुसार किया जाएगा।

(10) विवाद समाधान पैनल द्वारा जारी किया गया प्रत्येक निदेश निर्धारण अधिकारी पर आबद्धकर होगा।

(11) उपधारा (5) के अधीन कोर्इ निदेश तब तक जारी नहीं किया जाएगा जब तक कि ऐसे निदेशों के संबंध में जो निर्धारिती के हित या राजस्व के हित के प्रतिकूल हों, क्रमश: निर्धारिती और निर्धारण अधिकारी को सुनवार्इ का अवसर न दे दिया गया हो।

(12) उपधारा (5) के अधीन कोर्इ निदेश उस मास के, जिसमें प्रारूप आदेश पात्र निर्धारिती को अग्रेषित किया जाता है, अंत से नौ मास के पश्चात् जारी नहीं किया जाएगा।

(13) उपधारा (5) के अधीन जारी निदेशों के प्राप्त होने पर निर्धारण अधिकारी, धारा 153 92घ[या धारा 153ख] में अंतर्विष्ट किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी, निदेशों के अनुरूप, उस मास के, जिसमें निदेश प्राप्त किया गया है, अंत से एक मास के भीतर, निर्धारण निर्धारिती को सुने जाने का कोर्इ और अवसर दिए बिना, उस निर्धारण को पूरा करेगा।

(14) बोर्ड, पात्र निर्धारिती द्वारा विवाद समाधान पैनल के दक्ष कार्यकरण के लिए उपधारा (2) के अधीन फाइल किए गए आक्षेपों का शीघ्र निपटारा करने के लिए नियम92ड़ बना सकेगा।

(14क) 92च[* * *]

वित्त अधिनियम, 2013 द्वारा 1.4.2016 से धारा 144ग की उपधारा (14) के पश्चात् निम्नलिखित उपधारा (14क) अंत:स्थापित की जाएगी :

(14क) इस धारा के उपबंध निर्धारण अधिकारी द्वारा धारा 144खक की उपधारा (12) में यथा उपबंधित 92छ[प्रधान आयुक्त या] आयुक्त के पूर्व अनुमोदन से पारित किसी निर्धारण या पुनर्निर्धारण आदेश को लागू नहीं होंगे।

(15) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,-

() "विवाद समाधान पैनल" से इस प्रयोजनार्थ बोर्ड द्वारा गठित तीन आय-कर 92छ[प्रधान आयुक्तों या] आयुक्तों से मिलकर बना एक कोलेजियम अभिप्रेत है;

() "पात्र निर्धारिती" से,-

(i) ऐसा कोर्इ व्यक्ति अभिप्रेत है जिसके मामले में उपधारा (1) में निर्दिष्ट परिवर्तन धारा 92गक की उपधारा (3) के अधीन पारित किए गए अंतरण कीमत अधिकारी के आदेश के परिणामस्वरूप उद्भूत हुआ है;

(ii) कोर्इ विदेशी कंपनी अभिप्रेत है।]

 

92कग. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा भूतलक्षी प्रभाव से 1.4.2009 से अंत:स्थापित।

92ख. वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा भूतलक्षी प्रभाव से 1.10.2009 से अंत:स्थापित।

92ग. वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा भूतलक्षी प्रभाव से 1.4.2009 से अंत:स्थापित।

92घ. वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा भूतलक्षी प्रभाव से 1.10.2009 से अंत:स्थापित।

92ड़. आयकर (विवाद समाधान पैनल) नियम, 2009 देखिए।

92च. वित्त अधिनियम, 2013 द्वारा 1.4.2013 से लोप किया गया। लोप किए जाने से पूर्व वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा 1.4.2013 से अंत:स्थापित उपधारा (14क) इस प्रकार थी :

"(14क) इस धारा के उपबंध धारा 144खक की उपधारा (12) के अधीन आयुक्त के पूर्व अनुमोदन से निर्धारण अधिकारी द्वारा पारित किसी निर्धारित या पुननिर्धारण आदेश को लागू नहीं होंगे।

92छ. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा 1.6.2013 से भूतलक्षी प्रभाव से अंत:स्थापित।

 

 

[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा संशोधित रूप में]

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