आपसी सहमति से तलाक
आपसी सहमति से तलाक।
13ख. (1) इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन रहते हुए, विवाह के दोनों पक्षकारों द्वारा, चाहे ऐसा विवाह विवाह विधि (संशोधन) अधिनियम, 1976 (1976 का 68) के प्रारंभ के पूर्व या पश्चात् अनुष्ठापित किया गया हो, तलाक के हुकुमनामे द्वारा विवाह विच्छेद के लिए याचिका जिला न्यायालय में इस आधार पर प्रस्तुत की जा सकेगी कि वे एक वर्ष या उससे अधिक अवधि से अलग-अलग रह रहे हैं, कि वे एक साथ नहीं रह पाए हैं और कि उन्होंने परस्पर सहमति व्यक्त की है कि विवाह विच्छेद कर दिया जाना चाहिए।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट अर्जी के प्रस्तुत किए जाने की तारीख से छह मास से पूर्व और उक्त तारीख से अठारह मास के अपश्चात् दोनों पक्षकारों द्वारा किए गए आवेदन पर, यदि इस बीच अर्जी वापस नहीं ली जाती है, तो न्यायालय, पक्षकारों को सुनने के पश्चात् और ऐसी जांच करने के पश्चात्, जैसी वह ठीक समझे, यह समाधान हो जाने पर कि विवाह अनुष्ठापित हो गया है और अर्जी में किए गए कथन सत्य हैं, विवाह-विच्छेद की डिक्री पारित करेगा जिसमें यह घोषित किया जाएगा कि विवाह डिक्री की तारीख से विघटित हो गया है।

