आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

मुख्य सामग्री पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
शब्द आकार
सैचुरेशन
मदद

धारा 13क

राजनैतिक दलों की आय के संबंध में विशेष उपबंध

धारा

धारा संख्या

13क

अध्याय शीर्षक

अध्याय III - आय जो कुल आय का हिस्सा नहीं है

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2016

राजनैतिक दलों की आय के संबंध में विशेष उपबंध

राजनैतिक दलों की आय के संबंध में विशेष उपबंध

17[राजनैतिक दलों की आय के संबंध में विशेष उपबंध

13क. किसी राजनैतिक दल की ऐसी आय को जो 18[***] "गृह सम्पत्ति से आय" या "अन्य स्रोतों से आय" 19[या "पूंजी अभिलाभ"] शीर्ष के अधीन प्रभार्य है या किसी राजनैतिक दल द्वारा किसी व्यक्ति से प्राप्त स्वैच्छिक अभिदायों के रूप में आय को ऐसे राजनैतिक दल की पूर्ववर्ष की कुल आय में सम्मिलित नहीं किया जाएगा :

परन्तु यह तब जबकि-

() ऐसा राजनैतिक दल ऐसी लेखा बहियां और अन्य दस्तावेज रखता है और बनाए रखता है जिनसे 20[निर्धारण] अधिकारी उनसे होने वाली उसकी आय को उचित रूप से अवकलित कर सकें;

() प्रत्येक ऐसे स्वैच्छिक अभिदाय की बाबत जो 21[बीस] हजार रुपए से अधिक है, ऐसा राजनैतिक दल ऐसे अभिदाय का और ऐसा अभिदाय करने वाले व्यक्ति के नाम और पते का अभिलेख रखता है और बनाए रखता है; और

() ऐसे राजनैतिक दल के लेखे धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे दिए गए स्पष्टीकरण में परिभाषित लेखापाल द्वारा संपरीक्षित किए जाते हैं :

22[परन्तु यह और कि यदि ऐसे राजनैतिक दल का कोषाध्यक्ष या उस राजनैतिक दल द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोर्इ अन्य व्यक्ति लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (1951 का 43) की धारा 29ग की उपधारा (3) के अधीन किसी वित्तीय वर्ष के लिए रिपोर्ट देने में असफल रहता है, तो उस राजनैतिक दल को उस वित्तीय वर्ष के लिए इस धारा के अधीन कोर्इ छूट उपलब्ध नहीं होगी।]

23[स्पष्टीकरण.-इस धारा के प्रयोजनों के लिए "राजनैतिक दल" से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (1951 का 43) की धारा 29क के अधीन रजिस्ट्रीकृत कोर्इ राजनैतिक दल अभिप्रेत है।]

 

17. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1978 द्वारा 1.4.1979 से अंत:स्थापित।

18. वित्त अधिनियम, 1988 द्वारा 1.4.1989 से "प्रतिभूतियों पर ब्याज" शब्दों का लोप किया गया।

19. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.1979 से भूतलक्षी प्रभाव से अंत:स्थापित।

20. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आय-कर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

21. निर्वाचन और अन्य संबद्ध विधियां (संशोधन) अधिनियम, 2003 द्वारा 11.9.2003 से "दस" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

22. यथोक्त द्वारा अंत:स्थापित।

23. यथोक्त द्वारा प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व स्पष्टीकरण इस प्रकार था :

"स्पष्टीकरण.-इस धारा के प्रयोजनों के लिए "राजनैतिक दल" से भारत में व्यष्टिक नागरिकों का ऐसा संगम या निकाय अभिप्रेत है जो निर्वाचन प्रतीक (आरक्षण और आबंटन) आदेश, 1968 के पैरा 3 के अधीन राजनैतिक दल के रूप में भारत के निर्वाचन आयोग के पास रजिस्ट्रीकृत है तथा इसमें वह राजनैतिक दल भी सम्मिलित है जो उस पैरा के उपपैरा (2) के परन्तुक के अधीन उस आयोग के पास रजिस्ट्रीकृत समझा जाता है।"

 

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा संशोधित रूप में]

फ़ुटनोट