लेखा परीक्षित वित्तीय विवरण की प्रतियां करने के लिए सदस्य का अधिकार
लेखापरीक्षित वित्तीय विवरण की प्रतियों पर सदस्य का अधिकार I
136. (1) [ * * * ] वित्तीय विवरणों की एक प्रति, जिसमें समेकित वित्तीय विवरण, यदि कोई हो, लेखापरीक्षक की रिपोर्ट और कानून द्वारा अपेक्षित प्रत्येक अन्य दस्तावेज शामिल है, जिसे वित्तीय विवरणों के साथ संलग्न या संलग्न किया जाना है, जिसे कंपनी की आम बैठक में उसके समक्ष रखा जाना है, कंपनी के प्रत्येक सदस्य को, कंपनी द्वारा जारी किए गए किसी भी डिबेंचर के डिबेंचर-धारक के प्रत्येक ट्रस्टी को, और ऐसे सदस्य या ट्रस्टी के अलावा अन्य सभी व्यक्तियों को, जो ऐसा हकदार व्यक्ति है, बैठक की तारीख से कम से कम इक्कीस दिन पहले भेजा जाएगा:
बशर्ते कि [ यदि दस्तावेजों की प्रतियां बैठक की तारीख से इक्कीस दिन से कम समय पहले भेजी जाती हैं, तो इस तथ्य के होते हुए भी, उन्हें सम्यक् रूप से भेजा गया समझा जाएगा, यदि सदस्यों द्वारा ऐसी सहमति हो-
| (क) | यदि कंपनी के पास शेयर पूंजी है, तो बहुमत वाले सदस्य वोट देने के हकदार हैं और जो कंपनी की चुकता शेयर पूंजी के ऐसे हिस्से के कम से कम 95 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो बैठक में वोट देने का अधिकार देता है; या | |
| (ख) | यदि कंपनी के पास कोई शेयर पूंजी नहीं है, तो बैठक में प्रयोग की जाने वाली कुल मतदान शक्ति का कम से कम 95 प्रतिशत होना चाहिए: |
आगे यह भी प्रावधान है कि ] किसी सूचीबद्ध कंपनी के मामले में, इस उपधारा के प्रावधानों का अनुपालन किया गया माना जाएगा, यदि दस्तावेजों की प्रतियां बैठक की तारीख से इक्कीस दिन पहले कार्य घंटों के दौरान अपने पंजीकृत कार्यालय में निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराई जाती हैं और निर्धारित प्रपत्र में ऐसे दस्तावेजों की मुख्य विशेषताओं या दस्तावेजों की प्रतियों से युक्त एक बयान, जैसा कि कंपनी ठीक समझे, कंपनी के प्रत्येक सदस्य और कंपनी द्वारा जारी किए गए किसी भी डिबेंचर के धारकों के लिए प्रत्येक ट्रस्टी को बैठक की तारीख से कम से कम इक्कीस दिन पहले भेजा जाता है, जब तक कि शेयरधारक पूर्ण वित्तीय विवरणों की मांग न करें:
[यह भी प्रावधान है कि] कि केन्द्रीय सरकार ऐसी निवल सम्पत्ति और टर्नओवर वाली कम्पनियों के वित्तीय विवरणों के परिचालन का तरीका निर्धारित कर सकेगी, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है:
यह भी प्रावधान है कि सूचीबद्ध कंपनी अपने वित्तीय विवरण, जिसमें समेकित वित्तीय विवरण, यदि कोई हो, तथा उसके साथ संलग्न किए जाने वाले अन्य सभी दस्तावेज शामिल हैं, को अपनी वेबसाइट पर रखेगी, जिसका रखरखाव कंपनी द्वारा या उसकी ओर से किया जाता है:
[यह भी प्रावधान है कि प्रत्येक सूचीबद्ध कंपनी जिसकी कोई सहायक कंपनी या सहायक कंपनियां हैं, वह अपनी वेबसाइट पर प्रत्येक सहायक कंपनी के संबंध में अलग-अलग लेखापरीक्षित खाते रखेगी, यदि कोई हो:
यह भी प्रावधान है कि कोई सूचीबद्ध कंपनी जिसकी भारत के बाहर निगमित सहायक कंपनी है (जिसे यहां "विदेशी सहायक कंपनी" कहा गया है) -
| (क) | जहां ऐसी विदेशी सहायक कंपनी को अपने निगमन के देश के किसी कानून के तहत समेकित वित्तीय विवरण तैयार करने की वैधानिक रूप से आवश्यकता होती है, इस प्रावधान की आवश्यकता पूरी हो जाएगी यदि ऐसी विदेशी सहायक कंपनी का समेकित वित्तीय विवरण सूचीबद्ध कंपनी की वेबसाइट पर रखा गया है; | |
| (ख) | जहां ऐसी विदेशी सहायक कंपनी को अपने निगमन के देश के किसी कानून के तहत अपने वित्तीय विवरण का ऑडिट करवाना आवश्यक नहीं है और जो ऐसे वित्तीय विवरण का ऑडिट नहीं कराती है, वहां धारक भारतीय सूचीबद्ध कंपनी ऐसे अलेखापरीक्षित वित्तीय विवरण को अपनी वेबसाइट पर रख सकती है और जहां ऐसा वित्तीय विवरण अंग्रेजी के अलावा किसी अन्य भाषा में है, वहां वित्तीय विवरण की अंग्रेजी में अनुवादित प्रति भी वेबसाइट पर रखी जाएगी। ] |
(2) कंपनी, कंपनी द्वारा जारी किए गए किसी भी डिबेंचर के धारक के प्रत्येक सदस्य या ट्रस्टी को कारोबारी घंटों के दौरान अपने पंजीकृत कार्यालय में उप-धारा (1) के तहत बताए गए दस्तावेजों का निरीक्षण करने की अनुमति देगी:
[बशर्ते कि प्रत्येक कंपनी, जिसके पास एक या अधिक सहायक कंपनियां हों, अपनी प्रत्येक सहायक कंपनी के संबंध में तैयार किए गए पृथक लेखापरीक्षित या अलेखापरीक्षित वित्तीय विवरणों की एक प्रति, जैसी भी स्थिति हो, कंपनी के किसी भी सदस्य को, जो इसकी मांग करता है, उपलब्ध कराएगी।। ]
(3) यदि इस धारा के उपबंधों का अनुपालन करने में कोई चूक की जाती है तो कंपनी पच्चीस हजार रुपए के जुर्माने के लिए उत्तरदायी होगी तथा कंपनी का प्रत्येक अधिकारी जो चूककर्ता होगा, पांच हजार रुपए के जुर्माने के लिए उत्तरदायी होगा।

