सूचना का पहचानविहीन संग्रहण
1[सूचना का पहचानविहीन संग्रहण.
135क. (1) केंद्रीय सरकार, धारा 133 के अधीन सूचना की मांग, धारा 133ख के अधीन कतिपय सूचना के संग्रहण या धारा 133ग के अधीन विहित आय-कर प्राधिकारी द्वारा सूचना की मांग करने या धारा 134 के अधीन कंपनियों के रजिस्टर का निरीक्षण करने की शक्ति का प्रयोग या धारा 135 के अधीन निर्धारण अधिकारी की शक्ति का प्रयोग करने के प्रयोजनों के लिए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, एक स्कीम बना सकेगी, जिससे—
(क) आय-कर प्राधिकारी और निर्धारिती या किसी अन्य व्यक्ति के मध्य, प्रौद्योगिकीय रूप से साध्य सीमा तक, अंतरापृष्ठ को समाप्त करके;
(ख) अधिक मात्रा में संसाधनों के ईष्टतम उपयोग और कार्यात्मक विशिष्टता के द्वारा;
(ग) सक्रिय अधिकारिता के साथ टीम आधारित सूचना मांगे जाने, उसका संग्रहण या उस पर कार्यवाही करना या उसका उपयोग या शक्तियों का प्रयोग करने की प्रक्रिया समाविष्ट करके,
बेहतर दक्षता, पारदर्शिता और जबावदेही लाई जा सके।
(2) केंद्रीय सरकार, उपधारा (1) के अधीन बनाई गई स्कीम को प्रभावी करने के प्रयोजन के लिए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, यह निदेश दे सकेगी कि इस अधिनियम के उपबंधों में से कोई उपबंध ऐसे अपवादों, उपांतरणों और अनुकूलनों सहित, जो अधिसूचना में विनिर्दिष्ट किए जाएं, लागू नहीं होगा या लागू होगा :
परंतु 31 मार्च, 2022 के पश्चात् कोई निदेश जारी नहीं किया जाएगा।
(3) उपधारा (1) और उपधारा (2) के अधीन जारी प्रत्येक अधिसूचना, अधिसूचना जारी किए जाने के पश्चात्, यथाशीघ्र संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष रखी जाएगी।]
1. कराधान और अन्य विधि (कतिपय उपबंधों का शिथिलीकरण और संशोधन) अधिनियम, 2020 द्वारा 1.11.2020 से अंत:स्थापित
[वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा संशोधित रूप में]

