सर्वेक्षण की पावर
59[सर्वेक्षण की शक्ति
60133क. (1) इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध में किसी बात के होते हुए भी, कोर्इ आय-कर प्राधिकारी--
(क) उसको सौंपे गए क्षेत्र की परिसीमा के भीतर किसी स्थान पर; या
(ख) किसी ऐसे व्यक्ति के जिसके संबंध में वह अधिकारिता का प्रयोग करता है, अधिभोग में के किसी स्थान पर, 61[या]
61[(ग) ऐसे स्थान पर जिसके संबंध में वह इस धारा के प्रयोजनों के लिए ऐसे आय-कर प्राधिकारी द्वारा प्राधिकृत है, जिसे यह क्षेत्र सौंपा गया है, जिसके भीतर ऐसा स्थान है, या जो ऐसे स्थान के अधिभोगी किसी व्यक्ति के संबंध में अधिकारिता रखता है,]
जहां कोर्इ कारबार या वृत्ति चलार्इ जाती है, प्रवेश कर सकता है, चाहे ऐसा स्थान ऐसे कारबार या वृत्ति का प्रधान स्थान हो या नहीं और किसी स्वामी, कर्मचारी या किसी अन्य व्यक्ति से जो उस समय और स्थान पर ऐसे कारबार या वृत्ति को चलाने का कार्य किसी रीति से कर रहा हो या उसमें सहायता कर रहा हो, यह अपेक्षा कर सकता है कि वह--
(i) ऐसी लेखा बहियों या अन्य दस्तावेजों का जिनकी वह अपेक्षा करे और जो ऐसे स्थान पर उपलब्ध हो, निरीक्षण करने के लिए आवश्यक सुविधा दे;
(ii) वहां पर पार्इ जाने वाली नकदी, स्टाक या अन्य मूल्यवान वस्तु या चीज की जांच या उसका सत्यापन करने के लिए आवश्यक सुविधा दे; और
(iii) इस अधिनियम के अधीन किसी कार्यवाही के लिए उपयोगी या उससे सुसंगत किसी विषय के बारे में उसे ऐसी जानकारी दे जिसकी वह अपेक्षा करे।
स्पष्टीकरण–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए उस स्थान के अंतर्गत, जहां कोर्इ कारबार या वृत्ति चलार्इ जाती है, ऐसा कोर्इ अन्य स्थान भी है जहां चाहे कोर्इ कारबार या वृत्ति चलार्इ जाती है या नहीं और उसके बारे में कारबार या वृत्ति चलाने वाला व्यक्ति यह कथित करता है कि उसमें उसका कोर्इ लेखा बहियां या अन्य दस्तावेजें या उसकी नकदी या स्टाक या अन्य मूल्यवान वस्तु या चीज का कोर्इ भाग है या रखा गया है, जो उसके कारबार या वृत्ति से संबंधित है।
(2) कोर्इ आय-कर प्राधिकारी उपधारा (1) में निर्दिष्ट कारबार या वृत्ति के स्थान पर केवल उसी समय प्रवेश कर सकता है जब ऐसा स्थान कारबार या वृत्ति चलाने के लिए खुला हो और किसी अन्य स्थान की दशा में केवल सूर्योदय के पश्चात् और सूर्यास्त के पूर्व प्रवेश कर सकता है।
(3) इस धारा के अधीन कार्य करते हुए कोर्इ आय-कर अधिकारी--
(i) यदि वह ऐसा आवश्यक समझता है तो वह अपने द्वारा निरीक्षित लेखा बहियों या अन्य दस्तावेजों पर पहचान चिन्ह लगा सकता है या उनसे उद्धरण या नकलें ले सकता है या लिवा सकता है;
(ii) अपने द्वारा जांच की गर्इ या सत्यापित की गर्इ नकदी, स्टाक या अन्य मूल्यवान वस्तु या चीज की तालिका बना सकता है;
(iii) किसी व्यक्ति का कथन अभिलिखित कर सकता है, जो इस अधिनियम के अधीन किसी कार्यवाही के लिए उपयोगी या उससे सुसंगत हो।
(4) इस धारा के अधीन कार्य करते हुए कोर्इ आय-कर प्राधिकारी, किसी भी दशा में उस स्थान में, जहां उसने प्रवेश किया हो, कोर्इ लेखा बहियां या अन्य दस्तावेजें या कोर्इ नकदी, स्टाक या मूल्यवान वस्तु या चीज न तो हटाएगा और न हटवाएगा।
(5) जहां किसी उत्सव, समारोह या घटना के संबंध में निर्धारिती द्वारा उपगत आय के संबंध में आय-कर प्राधिकारी की यह राय है ऐसा करना आवश्यक है, या समीचीन है, वहां वह ऐसे उत्सव, समारोह या घटना के पश्चात् किसी भी समय उस निर्धारिती से, जिसने ऐसा व्यय उपगत किया है या किसी ऐसे व्यक्ति से, जिसके पास आय-कर प्राधिकारी की राय में उपगत व्यय के संबंध में जानकारी होने की संभावना है, यह अपेक्षा कर सकता है कि वह ऐसी जानकारी दे जिसकी वह अपेक्षा करे और जो इस अधिनियम के अधीन किसी कार्यवाही के लिए उपयोगी या उससे सुसंगत हो और वह निर्धारिती या किसी अन्य व्यक्ति के कथन को अभिलिखित कर सकता है और इस प्रकार अभिलिखित कथन का तत्पश्चात् इस अधिनियम के अधीन किसी कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
(6) यदि कोर्इ व्यक्ति, जिससे इस धारा के अधीन आय-कर प्राधिकारी को लेखा बहियों या अन्य दस्तावेजों के निरीक्षण करने के लिए या किसी नकदी, स्टाक या अन्य मूल्यवान वस्तु या चीज की जांच या उसका सत्यापन करने के लिए सुविधा देने की या कोर्इ जानकारी देने की या उसका कथन अभिलिखित कर देने की अपेक्षा की जाती है, वह ऐसा करने से या तो इंकार करता है या अपवंचन करता है, तो आय-कर प्राधिकारी को उस अपेक्षा का अनुपालन कराने के लिए 62[धारा 131 की उपधारा (1)] के अधीन सभी शक्तियां होंगी।
स्पष्टीकरण.–इस धारा में,--
(क) "आय-कर प्राधिकारी" से अभिप्रेत है कोर्इ 63[आयुक्त], कोर्इ 64[संयुक्त आयुक्त], 63[निदेशक 65[संयुक्त] निदेशक 66[सहायक निदेशक 67[या उपनिदेशक]] या कोर्इ 68[निर्धारण] अधिकारी और उपधारा (1) के खंड (i), उपधारा (3) के खंड (i) और उपधारा (5) के प्रयोजनों के लिए इसके अंतर्गत ऐसा आय-कर निरीक्षक भी है, 69[जिसे किसी ऐसे प्राधिकारी द्वारा इस प्रकार प्राधिकृत किया गया है];
(ख) "कार्यवाही" से इस अधिनियम के अधीन किसी वर्ष के संबंध में ऐसी कार्यवाही अभिप्रेत है जो उस तारीख को लंबित हो, जिसको इस धारा के अधीन शक्तियों का प्रयोग किया जाता है, या जो ऐसी तारीख को या उसके पूर्व पूरी हो गर्इ है, और इसके अंतर्गत इस अधिनियम के अधीन ऐसी सभी कार्यवाहियां भी हैं जो किसी वर्ष के संबंध में ऐसी तारीख के पश्चात प्रारम्भ की जाएं।]
59. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.10.1975 से प्रतिस्थापित। मूल धारा वित्त अधिनियम, 1964 द्वारा 1.4.1964 से अंत:स्थापित की गर्इ थी।
60. परिपत्र सं. 7-डी (LXIII-7), तारीख 3.5.1967 भी देखिये। ब्यौरे के लिए देखिये टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।
सुसंगत केस लाज़ के लिये देखिये टैक्समैन्स मास्टर गाइड टू इन्कम टैक्स एक्ट।
61. वित्त अधिनियम, 1995 द्वारा 1.7.1995 से अंत:स्थापित।
62. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1989 से "धारा 131 की उपधारा (1) और (2)" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
63. वित्त अधिनियम, 1995 द्वारा 1.7.1995 से अंत:स्थापित।
64. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से "उपायुक्त" के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पहले "उपायुक्त" शब्द प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "निरीक्षण सहायक आयुक्त" के स्थान पर रखा गया था।
65. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से "उप" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
66. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "निरीक्षण सहायक निदेशक" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
67. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से अंत:स्थापित।
68. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आय-कर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
69. यथोक्त द्वारा 1.4.1989 से "जिसे आय-कर अधिकारी द्वारा इस प्रकार प्राधिकृत किया गया है" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा संशोधित रूप में]

