आदि शक्ति के बारे में खोज, सबूत के उत्पादन,
ग.–शक्तियां
साक्ष्य के प्रकटीकरण, पेश करने आदि के बारे में शक्ति
46131. (1) निम्नलिखित बातों के बारे में इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए 47[निर्धारण] अधिकारी, 48[उपायुक्त (अपील)], 49[संयुक्त आयुक्त,] 50[आयुक्त (अपील)] और 51[मुख्य आयुक्त या आयुक्त] को वे शक्तियां प्राप्त होंगी जो सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के अधीन वाद का विचारण करते समय न्यायालय में निहित होती है, अर्थात् :–
(क) प्रकटीकरण और निरीक्षण;
(ख) किसी व्यक्ति को जिसके अंतर्गत किसी बैंककारी कंपनी का कोर्इ अधिकारी भी है, हाजिर करना तथा शपथ पर उसकी परीक्षा करना;
(ग) लेखा बहियों तथा अन्य दस्तावेजों को पेश करने के लिए विवश करना; और
(घ) कमीशन निकालना।
52[(1क) 53[यदि महानिदेशक या निदेशक या 54[संयुक्त] निदेशक या सहायक निदेशक 55[या उपनिदेशक] या धारा 132 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट प्राधिकृत अधिकारी को उस उपधारा के खंड (i) से खंड (v) के अधीन कार्यवाही करने के पूर्व] यह संदेह करने का कारण है, कि उसकी अधिकारिता के भीतर किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के वर्ग द्वारा कोर्इ आय छिपार्इ गर्इ है या उसके छिपाए जाने की संभावना है, तो वह इस बात के होते हुए भी कि उसके या किसी अन्य आय-कर प्राधिकारी के समक्ष ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों के वर्ग की बाबत कोर्इ कार्यवाही लम्बित नहीं है56, उससे संबंधित कोर्इ जांच या अन्वेषण करने के प्रयोजन के लिए, उपधारा (1) में निर्दिष्ट आय-कर प्राधिकारियों को उस उपधारा के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने के लिए सक्षम होगा।]
(2) [प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1989 से लोप किया गया।]
(3) इस निमित्त बनाए गए किन्हीं नियमों के अधीन रहते हुए उपधारा (1) 57[या उपधारा (1क)] में निर्दिष्ट कोर्इ प्राधिकारी इस अधिनियम के अधीन किसी कार्यवाही में अपने सामने पेश की गर्इ किन्हीं लेखा बहियों या अन्य दस्तावेजों को परिबद्ध कर सकेगा और ऐसी अवधि के लिए जो वह ठीक समझता है, अपनी अभिरक्षा में रख सकेगा :
परन्तु कोर्इ 58[निर्धारण] अधिकारी 59[या 60[सहायक निदेशक 61[या उपनिदेशक]]]–
(क) किन्हीं लेखा बहियों या अन्य दस्तावेजों को परिबद्ध करने के लिए अपने कारणों को अभिलिखित किए बिना ऐसा नहीं करेगा, या
(ख) ऐसी किन्हीं बहियों या दस्तावेजों को (अवकाश दिनों को निकालकर) पंद्रह दिन से अधिक की कालावधि के लिए अपनी अभिरक्षा में 62[63[यथास्थिति, उसके लिए मुख्य आयुक्त या महानिदेशक या आयुक्त या निदेशक]] का अनुमोदन प्राप्त किए बिना, नहीं रखेगा।
46. परिपत्र सं. 8-डी(LXXVI-22), तारीख 13.5.1958 भी देखिये। ब्यौरे के लिए देखिये टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।
सुसंगत केस लाज़ के लिये देखिये टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।
47. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आय-कर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
48. यथोक्त द्वारा "सहायक आयुक्त (अपील)" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
49. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से "उपायुक्त" के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पहले "उपायुक्त" शब्द प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "निरीक्षण सहायक आयुक्त" के स्थान पर रखा गया था।
50. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से अंत:स्थापित।
51. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आयुक्त" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
52. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.10.1975 से अंत:स्थापित।
53. वित्त अधिनियम, 1988 द्वारा 1.6.1988 से "यदि निरीक्षण सहायक निदेशक" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
54. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से "उप" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
55. यथोक्त द्वारा अंत:स्थापित।
56. "तो वह इस बात के ....... कार्यवाही लंबित नहीं है" पद के अर्थ के लिए देखिये टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज मैनुअल, खंड 3.
57. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.10.1975 से अंत:स्थापित।
58. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आय-कर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
59. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.10.1975 से अंत:स्थापित।
60. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "निरीक्षण सहायक निदेशक" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
61. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से अंत:स्थापित।
62. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आयुक्त" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
63. वित्त अधिनियम, 1988 द्वारा 1.6.1988 से "उसके लिए मुख्य आयुक्त या आयुक्त" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2008 द्वारा संशोधित रूप में]

