आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 131

शक्ति के बारे में खोज, सबूत के उत्पादन, आदि

धारा

धारा संख्या

131

अध्याय शीर्षक

अध्याय XIII - आयकर प्राधिकरण

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2000

शक्ति के बारे में खोज, सबूत के उत्पादन, आदि

शक्ति के बारे में खोज, सबूत के उत्पादन, आदि

ग.–शक्तियां

प्रकटीकरण, साक्ष्य पेश करने आदि के बारे में शक्ति

31131. (1) निम्नलिखित बातों के बारे में इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए 32[निर्धारण] अधिकारी, 33[उपायुक्त (अपील)], 34[संयुक्त आयुक्त,] 35[आयुक्त (अपील)] और 36[मुख्य आयुक्त या आयुक्त] को वे शक्तियां प्राप्त होंगी जो सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 (1908 का 5) के अधीन वाद का विचारण करते समय न्यायालय में निहित होती है, अर्थात् :–

() प्रकटीकरण और निरीक्षण;

() किसी व्यक्ति को जिसके अंतर्गत किसी बैंककारी कंपनी का कोर्इ अधिकारी भी है, हाजिर करना तथा शपथ पर उसकी परीक्षा करना;

() लेखा बहियों तथा अन्य दस्तावेजों को पेश करने के लिए विवश करना; और

() कमीशन निकालना।

37[(1क) 38[यदि महानिदेशक या निदेशक या 39[संयुक्त] निदेशक या सहायक निदेशक 40[या उपनिदेशक] या धारा 132 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट प्राधिकृत अधिकारी को उस उपधारा के खंड (i) से खंड (v) के अधीन कार्यवाही करने के पूर्व] यह संदेह करने का कारण है, कि उसकी अधिकारिता के भीतर किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के वर्ग द्वारा कोर्इ आय छिपार्इ गर्इ है या उसके छिपाए जाने की संभावना है, तो वह इस बात के होते हुए भी कि उसके या किसी अन्य आय-कर प्राधिकारी के समक्ष ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों के वर्ग की बाबत कोर्इ कार्यवाही लम्बित नहीं है41, उससे संबंधित कोर्इ जांच या अन्वेषण करने के प्रयोजन के लिए, उपधारा (1) में निर्दिष्ट आय-कर प्राधिकारियों को उस उपधारा के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने के लिए सक्षम होगा।]

42(2) [प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1989 से लोप किया गया।]

(3) इस निमित्त बनाए गए किन्हीं नियमों के अधीन रहते हुए उपधारा (1) 43[या उपधारा (1क)] में निर्दिष्ट कोर्इ प्राधिकारी इस अधिनियम के अधीन किसी कार्यवाही में अपने सामने पेश की गर्इ किन्हीं लेखा बहियों या अन्य दस्तावेजों को परिबद्ध कर सकेगा और ऐसी अवधि के लिए जो वह ठीक समझता है, अपनी अभिरक्षा में रख सकेगा :

परन्तु कोर्इ 44[निर्धारण] अधिकारी 45[या 46[सहायक निदेशक 46क[या उपनिदेशक]]]–

() किन्हीं लेखा बहियों या अन्य दस्तावेजों को परिबद्ध करने के लिए अपने कारणों को अभिलिखित किए बिना ऐसा नहीं करेगा, या

() ऐसी किन्हीं बहियों या दस्तावेजों को (अवकाश दिनों को निकालकर) पंद्रह दिन से अधिक की कालावधि के लिए अपनी अभिरक्षा में उसके लिए 47[48[यथास्थिति, मुख्य आयुक्त या महानिदेशक या आयुक्त या निदेशक]] का अनुमोदन प्राप्त किए बिना, नहीं रखेगा।

 

31. परिपत्र सं. 8-डी(LXXVI-22), तारीख 13.5.1958 भी देखिये। ब्यौरे के लिए देखिये टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

सुसंगत केस लाज़ के लिये देखिये टैक्समैन्स मास्टर गाइड टू इन्कम टैक्स एक्ट।

32. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आयकर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

33. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "सहायक आयुक्त (अपील)" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

34. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से "उपायुक्त" के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पहले "उपायुक्त" शब्द प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "निरीक्षण सहायक आयुक्त" के स्थान पर रखा गया था।

35. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से अंत:स्थापित।

36. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आयुक्त" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

37. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.10.1975 से अंत:स्थापित।

38. वित्त अधिनियम, 1988 द्वारा 1.6.1988 से "यदि निरीक्षण सहायक निदेशक" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

39. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से "उप" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

40. यथोक्त द्वारा अंत:स्थापित।

41. "तो वह इस बात के ....... कार्यवाही लंबित नहीं है" पद के अर्थ के लिए देखिये टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज मैनुअल, खंड 3.

42. लोप से पूर्व उपधारा (2) इस प्रकार थी :

"(2) तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना जहां ऐसा कोर्इ व्यक्ति, जिसे एक स्थान और समय पर साक्ष्य देने या लेखा पुस्तकें या अन्य बहियों को पेश करने के लिए समन जारी किया जाए, साशय उस स्थान पर समय पर उपस्थित नहीं होता है या लेखा बहियों और दस्तावेज पेश नहीं करता है, वहां आय कर प्राधिकारी उस पर पांच सौ रुपए से अनधिक ऐसा जुर्माना अधिरोपित कर सकेगा जो वह ठीक समझे और इस प्रकार अधिरोपित जुर्माना अध्याय 17-घ में दी गर्इ रीति से वसूल किया जा सकेगा।"

43. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.10.1975 से अंत:स्थापित।

44. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आय-कर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

45. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.10.1975 से अंत:स्थापित।

46. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "निरीक्षण सहायक निदेशक" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

46क. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से अंत:स्थापित।

47. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आयुक्त" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

48. वित्त अधिनियम, 1988 द्वारा 1.6.1988 से "उसके लिए मुख्य आयुक्त या आयुक्त" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा संशोधित रूप में]

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