आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 12

धारा 24 के संशोधन

धारा

धारा संख्या

12

अध्याय शीर्षक

अध्याय III - प्रत्यक्ष कर

अधिनियम

वित्त अधिनियम

वर्ष

2002

धारा 24 के संशोधन

धारा 24 के संशोधन

धारा 24 का संशोधन

12. आय-कर अधिनियम की धारा 24 के खंड (ख) में, 1 अप्रैल, 2003 से,–

() दूसरे परन्तुक में "1 अप्रैल, 2003 से पूर्व" शब्दों और अंकों के स्थान पर, "उस वित्तीय वर्ष की, जिसमें पूंजी उधार ली गर्इ थी, समाप्ति से तीन वर्ष के भीतर" शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे ;

() दूसरे परन्तुक और स्पष्टीकरण के पश्चात,् निम्न अंत:स्थापित किया जाएगा, अर्थात् :–

'परन्तु यह भी कि दूसरे परन्तुक के अधीन कोर्इ कटौती तब तक नहीं की जाएगी जब तक कि निर्धारिती उस व्यक्ति से, जिसको उधार ली गर्इ पूंजी पर कोर्इ ब्याज संदेय है, ऐसा कोर्इ प्रमाण पत्र नहीं दे देता जिसमें संपत्ति के ऐसे अर्जन या निर्माण के प्रयोजन के लिए संदेय ब्याज की रकम को, या उधार ली गर्इ संपूर्ण पूंजी या उसके किसी भाग को विनिर्दिष्ट किया गया हो जो नए ऋण के रूप में प्रतिसंदाय किया जाना शेष रहता है।

स्पष्टीकरण–इस परन्तुक के प्रयोजनों के लिए "नए ऋण" पद से ऐसी पूंजी के प्रतिसंदाय के प्रयोजन के लिए निर्धारिती द्वारा उधार ली गर्इ पूंजी के पश्चात् लिया गया संपूर्ण ऋण या उसका कोर्इ भाग अभिप्रेत है।'।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2002]

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