चौथी अनुसूची में संशोधन करने की केन्द्र सरकार की शक्ति.
[चौथी अनुसूची में संशोधन करने की केन्द्र सरकार की शक्ति I
11क (1) यदि केन्द्रीय सरकार का यह समाधान हो जाता है कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है तो वह राजपत्र में अधिसूचना द्वारा चौथी अनुसूची में संशोधन कर सकेगी और तदुपरि चौथी अनुसूची तदनुसार संशोधित समझी जाएगी।
(2) उपधारा (1) के अधीन जारी किए जाने के लिए प्रस्तावित प्रत्येक अधिसूचना की एक प्रति, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, प्रारूप के रूप में कुल तीस दिन की अवधि के लिए रखी जाएगी। यह अवधि एक सत्र में अथवा दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में पूरी हो सकेगी। यदि उस सत्र के या पूर्वोक्त आनुक्रमिक सत्रों के ठीक बाद के सत्र के अवसान के पूर्व दोनों सदन अधिसूचना जारी किए जाने का अननुमोदन करने पर सहमत हो जाएं या दोनों सदन अधिसूचना में कोई परिवर्तन करने पर सहमत हो जाएं तो, यथास्थिति, अधिसूचना जारी नहीं की जाएगी या केवल ऐसे परिवर्तित रूप में जारी की जाएगी, जिस पर संसद के दोनों सदन सहमत हो जाएं। ]

