धारा 16 का संशोधन
धारा 16 का संशोधन।
118. केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 16 में, 1 जुलाई, 2017 से, उपधारा (4) के पश्चात्, निम्नलिखित उपधाराएं अंतःस्थापित की जाएंगी, अर्थात् :-
"(5) उपधारा (4) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 2019-20 और 2020-21 से संबंधित माल या सेवाओं या दोनों की पूर्ति के लिए किसी बीजक या नामे नोट के संबंध में, रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, धारा 39 के अधीन किसी विवरणी में, जिसे 30 नवंबर, 2021 तक फाइल किया गया है, इनपुट कर प्रत्यय लेने का हकदार होगा ।
(6) जहां किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति का रजिस्ट्रीकरण, धारा 29 के अधीन रद्द किया जाता है और तत्पश्चात् या तो धारा 30 के अधीन किसी आदेश द्वारा या अपील प्राधिकारी अथवा अपील अधिकरण या न्यायालय द्वारा किए गए किसी आदेश के अनुसरण में, रजिस्ट्रीकरण का रद्द करण प्रतिसंहृत किया जाता है और जहां बीजक या नामे नोट के संबंध में, इनपुट कर प्रत्यय का लाभ रजिस्ट्रीकरण के रद्दकरण के आदेश की तारीख को उपधारा (4) के अधीन निर्बधित नहीं था, वहां उक्त व्यक्ति, धारा 39 के अधीन ऐसी विवरणी में, माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के लिए ऐसे बीजक या नामे नोट के संबंध में इनपुट कर प्रत्यय लेने का हकदार होगा,-
| (i) | उस वित्तीय वर्ष जिससे ऐसा बीजक या नामे नोट संबंधित है, के पश्चात् आने वाले तीस नवंबर या सुसंगत वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करने तक, इनमें जो भी पूर्वतर हो, फाइल की जाती है ; या | |
| (ii) | यथास्थिति, रजिस्ट्रीकरण के रद्दकरण की तारीख से या रजिस्ट्रीकरण के रद्दकरण की प्रभावी तारीख से, उस अवधि के लिए, रजिस्ट्रीकरण के रद्दकरण के प्रतिसंहरण के आदेश की तारीख तक, जहां ऐसी विवरणी रजिस्ट्रीकरण के रद्दकरण के प्रतिसंहृण के आदेश की तारीख से तीस दिन के भीतर इनमें जो भी पश्चातवर्ती हो, |
फाइल की जाती है ।"

