नियोजक द्वारा कर्मचारी से अनुषंगी फायदा कर की वसूली
98[नियोजक द्वारा कर्मचारी से अनुषंगी फायदा कर की वसूली
115बटक. ऐसे किसी करार या स्कीम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी जिसके अधीन धारा 115बख की उपधारा (1) के खंड (घ) में वर्णित कोर्इ विनिर्दिष्ट प्रतिभूति या स्वेट साधारण शेयर नियोजक द्वारा 1 अप्रैल, 2007 को या उसके पश्चात् प्रत्यक्षत: या अप्रत्यक्षत: आबंटित या अंतरित किया गया है, नियोजक के लिए उस करार या स्कीम में परिवर्तन करना विधिपूर्ण होगा जिसके अधीन ऐसी विनिर्दिष्ट प्रतिभूति या स्वेट साधारण शेयर आबंटित या अंतरित किया गया है जिससे कि कर्मचारी से अनुषंगी फायदा कर उस सीमा तक वसूल किया जा सके जिस तक ऐसा कर्मचारी, कर्मचारी को दिए गए और धारा 115बग की उपधारा (1) के खंड (खक) के अधीन अवधारित अनुषंगी फायदों के मूल्य के संबंध में अनुषंगी फायदा कर का संदाय करने का दायी है।]
98. वित्त अधिनियम, 2007 द्वारा 1.4.2007 से अंत:स्थापित।
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा संशोधित रूप में]

