टनभार कर आस्तियों के अंतरण से प्रभार्य अभिलाभ
टनभार कर आस्तियों के अंतरण से प्रभार्य अभिलाभ
115फढ. किसी ऐसी पूंजी आस्ति के, जो अर्हक आस्तियों के ब्लाक के भागरूप आस्ति है, अंतरण से होने वाले कोर्इ लाभ या अभिलाभ, धारा 50 के साथ पठित धारा 45 के उपबंधों के अनुसार आय-कर से प्रभार्य होंगे और इस प्रकार होने वाले पूंजी अभिलाभों की संगणना धारा 45 से धारा 51 के उपबंधों के अनुसार की जाएगी :
परंतु ऐसे लाभों या अभिलाभों की संगणना करने के प्रयोजन के लिए, धारा 50 के उपबंध ऐसे प्रभावी होंगे मानो, "आस्तियों के ब्लाक का अवलिखित मूल्य" शब्दों के स्थान पर, "अर्हक आस्तियों के ब्लाक का अवलिखित मूल्य" शब्द रखे गए हों।
स्पष्टीकरण.–इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए "अर्हक आस्तियों के ब्लाक के अवलिखित मूल्य" से, धारा 115फट की उपधारा (2) के उपबंधों के अनुसार संगणित अवलिखित मूल्य अभिप्रेत है।
[वित्त अधिनियम, 2011 द्वारा संशोधित रूप में]

