सुसंगत पोत परिवहन आय
सुसंगत पोत परिवहन आय
115फझ. (1) इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए, किसी टनभार कर कंपनी की सुसंगत पोत परिवहन आय से निम्नलिखित अभिप्रेत है,–
(i) उपधारा (2) में निर्दिष्ट मुख्य क्रियाकलापों से उसके लाभ;
(ii) उपधारा (5) में निर्दिष्ट आनुषंगिक क्रियाकलापों से उसके लाभ:
परंतु जहां खंड (ii) में विनिर्दिष्ट ऐसी सभी आयों को योग उपधारा (2) में निर्दिष्ट मुख्य क्रियाकलापों के आवर्त के एक बटा चार प्रतिशत से अधिक होता है, वहां ऐसा आधिक्य इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए सुसंगत पोत परिवहन आय का भाग नहीं होगा और वह इस अधिनियम के अन्य उपबंधों के अधीन कराधेय होगा।
(2) किसी टनभार कर कंपनी के मुख्य क्रियाकलाप निम्नलिखित होंगे–
(i) अर्हक पोतों का प्रचालन करने के उसके क्रियाकलाप; और
(ii) नीचे उल्लिखित अन्य पोत संबंधी क्रियाकलाप,–
(अ) निम्नलिखित की बाबत पोत परिवहन संविदाएं–
(i) पूल व्यवस्थाओं से उपार्जन;
(ii) माल वहन के लिए पोत तय करने संबंधी संविदाएं।
स्पष्टीकरण.–इस उपखंड के प्रयोजनों के लिए,–
(क) "पूल व्यवस्था" से, दो या अधिक व्यक्तियों के बीच एक या अधिक पोतों के पूल या प्रचालन के माध्यम से सेवाएं प्रदान करने और उनके बीच परस्पर करार पाए गए निबंधनों के आधार पर उपार्जन या प्रचालन संबंधी लोगों में हिस्सा बांटने के लिए कोर्इ करार अभिप्रेत है;
(ख) "माल वहन के लिए पोत तय करने संबंधी संविदा" से ऐसी कोर्इ सेवा संविदा अभिप्रेत है, जिसके अधीन कोर्इ टनभार कर कंपनी विनिर्दिष्ट अवधि में अभिहित लदार्इ और उतरार्इ के पत्तनों के बीच विनिर्दिष्ट दर पर विनिर्दिष्ट उत्पादों की विनिर्दिष्ट मात्रा के परिवहन का करार करती है;
(आ) विनिर्दिष्ट पोत व्यापार, जो निम्नलिखित हैं–
(i) यात्री पोतों के फलक पर या तट पर क्रियाकलाप, जिनमें भाड़ा और फलक पर उपभोग किए गए खाद्य पदार्थ और सुपेय भी हैं;
(ii) स्लाट चार्टर, स्थान चार्टर, संयुक्त चार्टर, फीडर सेवाएं, आधान पोत परिवहन की आधान पेटियां पट्टे पर देना।
(3) केन्द्रीय सरकार, यदि वह ऐसा करना आवश्यक या समीचीन समझे, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा उपधारा (2) के खंड (ii) में निर्दिष्ट किसी क्रियाकलाप को अपवर्जित कर सकेगी या वह सीमा विहित कर सकेगी, जिस सीमा तक ऐसे क्रियाकलाप इस धारा के प्रयोजनों के लिए मुख्य क्रियाकलापों में सम्मिलित किए जाएंगे।
(4) इस अध्याय के अधीन जारी की गर्इ प्रत्येक अधिसूचना उसके जारी किए जाने के पश्चात्, यथाशीघ्र, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष जब वह तीस दिन की कुल अवधि के लिए सत्र में हो, जो एक सत्र में अथवा दो या अधिक क्रमवर्ती सत्रों में पूरी हो सकेगी, रखी जाएगी और यदि पूर्वोंक्त सत्र या क्रमवर्ती सत्रों के ठीक बाद के सत्र के अवसान के पूर्व दोनों सदन उस अधिसूचना में कोर्इ उपांतरण करने के लिए सहमत हो जाएं या दोनों सदन इस बात के लिए सहमत हो जाएं कि अधिसूचना जारी नहीं की जानी चाहिए तो, तत्पश्चात् अधिसूचना का, यथास्थिति, ऐसे उपांतरित रूप में ही प्रभाव होगा या वह निष्प्रभावी हो जाएगी; तथापि, उस अधिसूचना के उपांतरित या निष्प्रभावी होने से उसके अधीन पहले की गर्इ किसी बात की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(5) आनुषंगिक क्रियाकलाप वे क्रियाकलाप होंगे, जो मुख्य क्रियाकलापों के आनुषंगिक हैं और जिन्हें तत्प्रयोजनार्थ विहित किया जाए।
(6) जहां कोर्इ टनभार कर कंपनी ऐसे किसी पोत का प्रचालन करती है, जो कि अर्हक पोत नहीं है, ऐसे अनर्हक पोत के प्रचालन से होने वाली आय की संगणना इस अधिनियम के अन्य उपबंधों के अनुसार की जाएगी।
(7) जहां टनभार कर कारबार के प्रयोजनों के लिए धारित किसी माल या किन्हीं सेवाओं को किसी टनभार कर कंपनी द्वारा किए जा रहे किसी अन्य कारबार में अंतरित कर दिया जाता है या जहां ऐसी टनभार कर कंपनी द्वारा किए जा रहे किसी अन्य कारबार के प्रयोजनों के लिए धारित किसी माल या किन्हीं सेवाओं को टनभार कर कारबार में अंतरित कर दिया जाता है और प्रत्येक दशा में, ऐसे अंतरण के लिए टनभार कर कारबार के लेखाओं में यथाअभिलिखित प्रतिफल, यदि कोर्इ हो, अंतरण की तारीख को ऐसे माल या सेवाओं के बाजार मूल्य के समरूप नहीं होता है, वहां इस धारा के अधीन सुसंगत पोत परिवहन आय की संगणना इस प्रकार की जाएगी माना प्रत्येक दशा में, अंतरण उस तारीख को ऐसे माल या सेवाओं के बाजार मूल्य पर किया गया था :
परंतु जहां, निर्धारण अधिकारी की राय में, इसमें इसके पूर्व विनिर्दिष्ट रीति में सुसंगत पोत परिवहन आय की संगणना करने में असामान्य कठिनाइयां सामने आती हैं, वहां निर्धारण अधिकारी ऐसी आय की संगणना ऐसे युक्तियुक्त आधार पर कर सकेगा जो वह ठीक समझे।
स्पष्टीकरण.–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, किसी माल या किन्ही सेवाओं के संबंध में "बाजार मूल्य" से वह कीमत अभिप्रेत है, जो ऐसे माल या सेवाओं का खुले बाजार में विक्रय करने पर साधारणतया प्राप्त होती हैं।
(8) जहां निर्धारण अधिकारी को यह प्रतीत होता है कि टनभार कर कंपनी और किसी अन्य व्यक्ति के बीच निकट संबंध होने के कारण या किसी अन्य कारण से उनके बीच कारबार का अनुक्रम इस प्रकार व्यवस्थित है कि उनके बीच हुए कारबार से टनभार कर कंपनी को उन साधारण लाभों से, जिनके टनभार कर कारबार से होने की प्रत्याशा की जा सकती है, अधिक लाभ होता है, वहां निर्धारण अधिकारी इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए टनभार कर कंपनी की सुसंगत पोत परिवहन आय की संगणना करने में उस आय की रकम को हिसाब में लेगा, जो युक्तियुक्त रूप से उससे व्युत्पन्न हुर्इ समझी जाए।
स्पष्टीकरण.–इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए, यदि टनभार कर कंपनी की सुसंगत पोत परिवहन आय हानि के रूप में होती है तो ऐसी हानि को टनभार आय की संगणना करने के प्रयोजनों के लिए हिसाब में नहीं लिया जाएगा।
[वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा संशोधित रूप में]

