आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 115प

कुछ मामलों में आय पर कर

धारा

धारा संख्या

115प

अध्याय शीर्षक

अध्याय XIIच - उद्यम पूंजी कंपनियों और वेंचर कैपिटल फंड से प्राप्त आय पर कर से संबंधित विशेष प्रावधान

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2022

कुछ मामलों में आय पर कर

कुछ मामलों में आय पर कर

अध्याय 12च

जोखिम पूंजी कंपनी और जोखिम पूंजी निधि से प्राप्त आय पर कर से संबंधित विशेष उपबंध

कुछ मामलों में आय पर कर

115प. (1) इस अधिनियम के किन्हीं अन्य उपबंधों में किसी बात के होते हुए भी किसी व्यक्ति द्वारा किसी जोखिम पूंजी कंपनी या जोखिम पूंजी निधि में किए गए विनिधानों से प्रोद्भूत या उद्भूत या उससे प्राप्त कोर्इ आय उसी रीति में आय-कर से प्रभार्य होगी मानो वह ऐसे व्यक्ति को प्रोद्भूत या उद्भूत या उसके द्वारा प्राप्त ऐसी आय होती, यदि उसने जोखिम पूंजी उपक्रम में सीधे विनिधान किया होता।

(2) किसी जोखिम पूंजी कंपनी या जोखिम पूंजी निधि की ओर से आय जमा करने या उसका संदाय करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति और जोखिम पूंजी कंपनी या जोखिम पूंजी निधि, ऐसे समय के भीतर जो विहित किया जाए, उस व्यक्ति को, जो ऐसी आय की बाबत कर के लिए दायी है, और विहित आय-कर प्राधिकारी को, विहित फार्म में और विहित रीति में सत्यापित एक कथन प्रस्तुत करेगा, जिसमें पूर्ववर्ष के दौरान संदत्त या जमा की गर्इ आय की प्रकृति के ब्यौरे और ऐसे अन्य सुसंगत ब्यौरे दिए जाएंगे, जो विहित किए जाएं।

(3) जोखिम पूंजी कंपनी और जोखिम पूंजी निधि द्वारा संदत्त या जमा की गर्इ आय उपधारा (1) में निर्दिष्ट व्यक्ति के पास उसी प्रकृति की और उसी अनुपात में समझी जाएगी मानो वह पूर्ववर्ष के दौरान, यथास्थिति, जोखिम पूंजी कंपनी या जोखिम पूंजी निधि द्वारा प्राप्त की गर्इ हो या उसे प्रोद्भूत या उद्भूत हुर्इ हो।

(4) अध्याय 12घ या अध्याय 12ड़ या अध्याय 17ख के उपबंध इस अध्याय के अधीन जोखिम पूंजी कंपनी या जोखिम पूंजी निधि द्वारा संदत्त आय को लागू नहीं होंगे।

(5) किसी पूर्ववर्ष के दौरान जोखिम पूंजी उपक्रम में किए गए विनिधानों से जोखिम पूंजी कंपनी या जोखिम पूंजी निधि को प्रोद्भूत या उद्भूत या उसके द्वारा प्राप्त आय, यदि उपधारा (1) में निर्दिष्ट व्यक्ति को संदत्त या उसके पास जमा नहीं की जाती है तो वह पूर्ववर्ष के अंतिम दिन को, उक्त व्यक्ति के खाते में उसी अनुपात में जमा की गर्इ समझी जाएगी, जिसमें ऐसा व्यक्ति आय को, यदि उसे पूर्ववर्ष में संदत्त किया जाता, प्राप्त करने के लिए हकदार होता।

(6) इस अध्याय में अंतर्विष्ट कोर्इ बात, 1 अप्रैल, 2016 को या उसके पश्चात् आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष की ऐसी किसी आय के संबंध में लागू नहीं होगी जो किसी जोखिम पूंजी कंपनी या जोखिम पूंजी निधि में, जो धारा 115पख के स्पष्टीकरण 1 के खंड () में विनिर्दिष्ट कोर्इ विनिधान निधि है, किए गए विनिधानों से किसी व्यक्ति को प्रोद्भूत या उद्भूत हुर्इ या उसके द्वारा प्राप्त हुर्इ हो।

स्पष्टीकरण 1–इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए ''जोखिम पूंजी कंपनी'', ''जोखिम पूंजी निधि'' और ''जोखिम पूंजी उपक्रम'' के वही अर्थ होंगे, जो धारा 10 के खंड (23चख) में क्रमश: उनके हैं।

स्पष्टीकरण 2–शंकाओं को दूर करने के लिए, यह घोषित किया जाता है कि ऐसी कोर्इ आय, जिसे उपधारा (1) में निर्दिष्ट व्यक्ति की पूर्ववर्ष में की कुल आय में सम्मिलित किया गया है, उसके उक्त पूर्ववर्ष में उपगत या उद्भूत होने के मद्दे ऐसे व्यक्ति की उस पूर्ववर्ष में की कुल आय में सम्मिलित नहीं की जाएगी जिसमें ऐसी आय जोखिम पूंजी कंपनी या जोखिम पूंजी निधि द्वारा उसको वस्तुत: संदत्त की जाती है।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा संशोधित रूप में]

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