कंपनी को कब व्यतिक्रमी निर्धारिती माना जाएगा
कंपनी को कब व्यतिक्रमी निर्धारिती माना जाएगा
115थग. यदि किसी देशी कंपनी का कोर्इ प्रधान अधिकारी या कंपनी धारा 115थक के उपबंधों के अनुसार वितरित आय पर कर संदत्त नहीं करता या करती है, तो उसे उसके द्वारा संदेय कर की रकम की बाबत व्यतिक्रमी निर्धारिती समझा जाएगा और इस अधिनियम के आय-कर के संग्रहण और उसकी वसूली से संबंधित सभी उपबंध लागू होंगे।]
[वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा संशोधित रूप में]

