कंपनी द्वारा कर का संदाय न किए जाने पर संदेय ब्याज
कंपनी द्वारा कर का संदाय न किए जाने पर संदेय ब्याज
115थख.जहां देशी कंपनी का प्रधान अधिकारी या कंपनी धारा 115 थक की उपधारा (1) में निर्दिष्ट वितरित आय पर संपूर्ण कर या उसके किसी भाग को, उस धारा की उपधारा (3) के अधीन अनुज्ञात समय के भीतर संदत्त करने में असफल रहता या रहती है, वहां वह अंतिम तारीख के, जिसको ऐसा कर संदेय था, ठीक पश्चात् की तारीख को आरंभ होने वाली और उस तारीख को, जिसको कर वस्तुत: संदत्त किया गया था, समाप्त होने वाली अवधि के लिए ऐसे कर की रकम पर प्रत्येक मास या उसके भाग के लिए एक प्रतिशत की दर पर साधारण ब्याज का संदाय करने के लिए दायी होगा या होगी।

