आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 115त

देशी कंपनियों द्वारा कर न देने के लिए संदेय ब्याज

धारा

धारा संख्या

115त

अध्याय शीर्षक

अध्याय XIIघ - घरेलू कंपनियों की वितरित लाभ पर कर से संबंधित विशेष प्रावधान

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2009

देशी कंपनियों द्वारा कर न देने के लिए संदेय ब्याज

देशी कंपनियों द्वारा कर न देने के लिए संदेय ब्याज

देशी कंपनियों द्वारा कर न देने के लिए संदेय ब्याज

115त. जहां किसी देशी कंपनी का प्रधान अधिकारी या कंपनी, धारा 115ण की उपधारा (3) के अधीन अनुज्ञात समय के भीतर इस धारा की उपधारा (1) में निर्दिष्ट वितरित लाभों पर पूरा कर या उसका कोर्इ भाग देने में असफल रहती है वहां वह ऐसी कर राशि पर उस अंतिम तारीख के जिसको ऐसा कर संदेय था ठीक बाद की तारीख को प्रारंभ होने वाली तथा उस तारीख को समाप्त होने वाली, जिसको कर वास्तव में अदा किया जाए, अवधि के लिए ऐसी कर राशि पर प्रत्येक मास या उसके भाग के लिए 55[एक] प्रतिशत की दर पर साधारण ब्याज देने के लिए दायी होगी।

 

55. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2003 द्वारा 8.9.2003 से "1(" के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पूर्व कोट किए शब्द वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.6.2000 से तथा वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.6.2001 से संशोधित किए गए थे।

 

 

[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा संशोधित रूप में]

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