कटौतियों और आय-कर रिबेट नामंजूर करने के लिए विशेष उपबंध
कटौतियों और आय-कर रिबेट नामंजूर करने के लिए विशेष उपबंध
115ड. 48[वित्त अधिनियम, 1997 द्वारा 1.4.1998 से लोप किया गया।]
48. लोप से पहले, वित्त अधिनियम, 1992 द्वारा 1.4.1993 से अंत:स्थापित की गर्इ धारा 115ड निम्न प्रकार थी :
''115ड. कटौतियां और आय-कर रिबेट अनुज्ञात करने के लिए विशेष उपबंध–अध्याय 6क (धारा 80ठ को छोड़कर) के अधीन कोर्इ कटौती या अध्याय 8 के अधीन आय-कर का कोर्इ रिबेट उस व्यक्ति की दशा में जिसने धारा 115ट की उपधारा (1) के अधीन विवरण दिया गया है, अनुज्ञात नहीं किया जाएगा।''
[वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा संशोधित रूप में]

