आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 115खकड़

वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा 1.4.2024 से धारा 115खकघ के पश्चात् धारा 115खकड. अंतस्थापित कि जाएगी

धारा

धारा संख्या

115खकड़

अध्याय शीर्षक

अध्याय XII - कुछ विशेष मामलों में कर का निर्धारण

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2024 (सं.1)

वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा 1.4.2024 से धारा 115खकघ के पश्चात् धारा 115खकड. अंतस्थापित कि जाएगी

वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा 1.4.2024 से धारा 115खकघ के पश्चात् धारा 115खकड. अंतस्थापित कि जाएगी

वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा 1.4.2024 से धारा 115खकघ के पश्चात् धारा 115खकड. अंतस्थापित कि जाएगी।

कतिपय नई विनिर्माता सहकारी सोसाइटियों की आय पर कर।

115खकङ (1) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, किंतु धारा 115खकघ के अधीन उल्लिखित उपबंधों से भिन्न इस अध्याय के उपबंधों के अधीन रहते हुए, 1 अप्रैल, 2024 को या उसके पश्चात् आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत किसी पूर्ववर्ष के लिए निर्धारिती, जो भारत में निवासी सहकारी सोसाइटी है, की कुल आय के संबंध में संदेय आय-कर, ऐसे निर्धारिती के विकल्प पर पंद्रह प्रतिशत की दर पर संगणित किया जाएगा, यदि उपधारा (2) में अंतर्विष्ट शर्तों को पूरा किया जाता है :

परंतु जहां निर्धारिती की कुल आय के अंतर्गत कोई ऐसी आय सम्मिलित है जो किसी वस्तु या चीज के विनिर्माण या उत्पादन से न तो व्युत्पन्न है न ही उसके आनुषांगिक है तथा जिसके संबंध में इस अध्याय के अधीन पृथक् रूप से कर की किसी विनिर्दिष्ट दर का उपबंध नहीं किया गया है, तो ऐसी आय बाईस प्रतिशत की दर पर कर योग्य होगी तथा ऐसी आय की संगणना में किए गए किसी व्यय या भत्ते के संबंध में कोई कटौती या मोक नहीं किया जाएगा :

परंतु यह और कि उपधारा (4) के दूसरे परंतुक के अधीन ऐसी समझी गयी निर्धारिती की आय के संबंध में संदेय आय-कर, तीस प्रतिशत की दर पर संगणित किया जाएगा :

परंतु यह भी कि पूंजी आस्ति के अंतरण से व्युत्पन्न अल्प अवधि पूंजी अभिलाभों से आय, जिस पर अधिनियम के अधीन कोई अवक्षयण अनुज्ञेय नहीं है, के संबंध में संदेय आय-कर बाईस प्रतिशत की दर पर संगणित किया जाएगा :

परंतु यह भी कि जहां किसी पूर्ववर्ष में उपधारा (2) में अंतर्विष्ट शर्तों को पूरा करने में निर्धारिती असफल रहता है तो उस पूर्व वर्ष तथा पश्चात्वर्ती निर्धारण वर्षों से सुसंगत निर्धारण वर्ष के संबंध में विकल्प अविधिमान्य हो जाएगा तथा निर्धारिती को अधिनियम के अन्य उपबंध लागू होंगे मानो उस पूर्व वर्ष तथा पश्चात्वर्ती निर्धारण वर्षों से सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए विकल्प का प्रयोग नहीं किया गया था ।

(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, निम्नलिखित शर्तें लागू होंगी, अर्थात् :—

(क) सहकारी सोसाइटी का गठन और रजिस्ट्रीकरण 1 अप्रैल, 2023 को या उसके पश्चात् किया गया है तथा उसमें 31 मार्च, 2024 को या उसके पूर्व किसी वस्तु या चीज का विनिर्माण या उत्पादन आरंभ कर दिया है तथा,—

 (i)  कारबार, पहले से ही विद्यमान कारबार को बांटकर या पुनः निर्मित करके नहीं किया गया है ;

(ii)  किसी प्रयोजन के लिए पहले से ही प्रयुक्त मशीनरी या संयंत्र का उपयोग नहीं करता है ।

स्पष्टीकरण 1—उपखंड (ii) के प्रयोजनों के लिए, कोई मशीनरी या संयंत्र, जिसका उपयोग किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भारत के बाहर किया गया था, किसी प्रयोजन के लिए पहले से प्रयुक्त मशीनरी या संयंत्र नहीं माना जाएगा यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती हैं, अर्थात् :—

(अ) ऐसी मशीनरी या संयंत्र संस्थापित करने की तारीख से पहले किसी भी समय भारत में प्रयुक्त नहीं हुई थी ;

(आ) ऐसी मशीनरी या संयंत्र भारत के बाहर किसी देश से भारत में आयातित की गई थी ; और

(इ) व्यक्ति द्वारा मशीनरी या संयंत्र को संस्थापित करने की तारीख से पूर्व किसी भी अवधि के लिए किसी व्यक्ति की कुल आय की संगणना करने में इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन ऐसी मशीनरी या संयंत्र के संबंध में अवक्षयण के मद्दे कोई कटौती अनुज्ञात नहीं की गई है या अनुज्ञेय नहीं है

स्पष्टीकरण 2—जहां किसी प्रयोजन के लिए पूर्व में प्रयुक्त कोई मशीनरी या संयंत्र या उसका कोई भाग, निर्धारिती द्वारा प्रयोग के लिए रखा जाता है और ऐसी मशीनरी या संयंत्र या उसके भाग का कोई मूल्य निर्धारिती द्वारा प्रयुक्त मशीनरी या संयंत्र के कुल मूल्य के बीस प्रतिशत से अनधिक है, तो उपखंड (ii) के प्रयोजनों के लिए उसमें विनिर्दिष्ट शर्तों का पालन किया गया समझा जाएगा ;

(ख) निर्धारिती किसी वस्तु या चीज के विनिर्माण या उत्पादन के कारबार और इसके द्वारा विनिर्मित या उत्पादित ऐसी वस्तु या चीज के संबंध में अनुसंधान या उसके वितरण से भिन्न किसी अन्य कारबार में नहीं लगा है ।

स्पष्टीकरण—शंकाओं को दूर करने के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि किसी वस्तु या चीज के विनिर्माण या उत्पादन के कारबार के अंतर्गत विद्युत के उत्पादन का कारबार भी सम्मिलित होगा, किंतु निम्नलिखित का कारबार सम्मिलित नहीं होगा,

 (i)  किसी भी रूप में या किसी माध्यम में कंप्यूटर साफ्टवेयर का विकास ;

(ii)  खनन ;

(iii) संगमरमर खंडों या वैसी ही चीजों को पट्टियों में परिवर्तित करना ;

(iv) चलचित्र सिलेंडर में गैस भरना ;

(v)  पुस्तकों का मुद्रण या सिनेमेटोग्राफ फिल्म का निर्माण ; या

(vi) कोई अन्य कारबार, जिसे केन्द्रीय सरकार द्वारा इस निमित्त अधिसूचित किया जाए ;

(ग) निर्धारिती की कुल आय,—

 (i)  धारा 10कक या धारा 32 की उपधारा (1) के खंड (iiक) या धारा 33कख अथवा धारा 33कखक या धारा 35 की उपधारा (1) के उपखंड (ii), उपखंड (iiक) या उपखंड (iii) या उपधारा (2कक) या धारा 35कघ अथवा धारा 35गगग के उपबंधों के अधीन या धारा 80ञञकक के उपबंधों से भिन्न अध्याय 6क के किन्हीं उपबंधों के अधीन किसी कटौती के बिना ;

(ii)  अग्रणीत किसी हानि के मुजरा या किसी पूर्ववर्ती निर्धारण वर्ष से अवक्षयण के बिना, यदि ऐसी हानि या अवक्षयण खंड (i) में निर्दिष्ट किन्हीं कटौतियों के कारण हुआ माना जा सकता है ; और

(iii) उक्त धारा की उपधारा (1) के खंड (iiक) से भिन्न, धारा 32 के अधीन ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, अवधारित अवक्षयण का दावा करके, यदि कोई हों,

की संगणना की गई है ।

(3) उपधारा (2) के खंड (ग) के उपखंड (ii) में निर्दिष्ट हानि और अवक्षयण पूर्ण रूप से प्रभावी किया गया समझा जाएगा तथा ऐसी हानि के लिए कोई और कटौती किसी पश्चात्वर्ती वर्ष के लिए अनुज्ञात नहीं की जाएगी ।

(4) जहां निर्धारण अधिकारी को ऐसा प्रतीत होता है कि निर्धारिती जिसको यह धारा लागू होती है तथा किसी अन्य व्यक्ति के बीच कोई निकट संबंध होने के कारण या किसी अन्य कारण से उनके बीच कारबार का अनुक्रम इस प्रकार व्यवस्थित है कि उनके बीच संव्यवहार किया गया कारबार निर्धारिती को साधारण लाभों, जिनकी ऐसे कारबार में उद्भूत होने की प्रत्याशा है, से अधिक लाभ प्रदान करता है, तो निर्धारण अधिकारी इस धारा के प्रयोजनों के लिए ऐसे कारबार से लाभों और अभिलाभों की गणना करने में लाभों की ऐसी रकम संगणना में लेगा, जो युक्तियुक्त रूप से उससे व्युत्पन्न प्रतीत हों :

परंतु उस दशा में, जहां धारा 92खक में निर्दिष्ट किसी विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार पूर्वोक्त ठहराव में अंतर्वलित है, तो ऐसे संव्यवहार से लाभ की रकम धारा 92च के खंड (ii) में यथा परिभाषित सन्निकट कीमत का ध्यान रखते हुए अवधारित की जाएगी :

परंतु यह और भी कि निर्धारण अधिकारी द्वारा अवधारित लाभ की रकम से अधिक लाभ की रकम, निर्धारिती की आय समझी जाएगी ।

(5) इस धारा में अंतर्विष्ट कोई बात लागू नहीं होगी, यदि 1 अप्रैल, 2024 को या उसके पश्चात् आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत किसी पूर्व वर्ष के लिए आय की पहली विवरणी प्रस्तुत करने के लिए धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन विनिर्दिष्ट नियत तारीख को या उसके पूर्व विहित रीति में, व्यक्ति द्वारा विकल्प का प्रयोग नहीं किया जाता है :

परंतु किसी पूर्ववर्ष के लिए विकल्प का प्रयोग हो जाने पर, इसे उसी या किसी अन्य पूर्ववर्ष के लिए तत्पश्चात् वापस नहीं लिया जा सकता ।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2024 द्वारा संशोधित रूप में]

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