आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 115खक

कतिपय देशी कंपनियों की आय पर कर

धारा

धारा संख्या

115खक

अध्याय शीर्षक

अध्याय XII - कुछ विशेष मामलों में कर का निर्धारण

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2016

कतिपय देशी कंपनियों की आय पर कर

कतिपय देशी कंपनियों की आय पर कर

वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा 1.4.2017 से धारा 115ख के पश्चात्, निम्नलिखित धारा 115खक अंत:स्थापित की जाएगी :

कतिपय देशी कंपनियों की आय पर कर

115खक. (1) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी किंतु धारा 111क और धारा 112 के उपबंधों के अधीन 1 अप्रैल, 2017 को या उसके पश्चात् आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष के सुसंगत किसी पूर्ववर्ष के लिए किसी व्यक्ति, जो कोर्इ देशी कंपनी है, की कुल आय की बाबत संदेय आय-कर ऐसे व्यक्ति के विकल्प पर पच्चीस प्रतिशत की दर से संगणित किया जाएगा, यदि उपधारा (2) में अंतर्विष्ट शर्तों का समाधान हो जाता है ।

(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए निम्नलिखित शर्तें लागू होंगी, अर्थात् :

() कंपनी 1 मार्च, 2016 को या उसके पश्चात् स्थापित और रजिस्ट्रीकृत की गर्इ है;

() कंपनी किसी वस्तु या चीज के विनिर्माण या उत्पादन तथा उसके द्वारा विनिर्मित और उत्पादित ऐसी वस्तु या चीज के संबध में अनुसंधान या वितरण के कारबार से भिन्न किसी कारबार में नहीं लगी है; और

() कंपनी की कुल आय की संगणना,-

(i) धारा 10कक या धारा 32 की उपधारा (1) के खंड (iiक) या धारा 32कग या धारा 32कघ या धारा 33कख या धारा 33कखक या धारा 35 की उपधारा (1) के उपखंड (ii) या उपखंड (iiक) या उपखंड (iii) या उपधारा (2कक) या उपधारा (2कख) या धारा 35कग या धारा 35कघ या धारा 35गगग या धारा 35गगघ के उपबंधों के अधीन या धारा 80ञञकक के उपबंधों से भिन्न अध्याय 6क के किन्हीं उपबंधों के अधीन "ग-कतिपय आयों की बाबत कटौतियां" शीर्ष के अधीन किसी कटौती के बिना की गर्इ है;

(ii) किसी पूर्ववर्ती निर्धारण वर्ष से अग्रनीत किसी हानि के मुजरा के बिना की गर्इ है, यदि ऐसी हानि उपखंड(i) में निर्दिष्ट किन्हीं कटौतियों के कारण है; और

(iii) उक्त धारा की उपधारा (1) के खंड (iiक) से भिन्न धारा 32 के अधीन अवक्षयण ऐसी रीति में अवधारित किया जाता है, जो विहित की जाए ।

(3) उपधारा (2) के खंड (ग) के उपखंड (ii) में निर्दिष्ट हानि को पहले ही पूरी तरह प्रभाव दिया गया समझा जाएगा और किसी पश्चात्वर्ती वर्ष के लिए ऐसी हानि के लिए कोर्इ अतिरिक्त कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी ।

(4) इस धारा की कोर्इ बात तब तक लागू नहीं होगी, जब तक व्यक्ति द्वारा विकल्प का प्रयोग आय की पहली विवरणी देने के लिए धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन विनिर्दिष्ट देय तारीख को या उससे पहले विहित रीति में नहीं किया गया है, जिसकी व्यक्ति से इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन देने की अपेक्षा की जाती है:

परंतु किसी पूर्ववर्ष के लिए एक बार विकल्प का प्रयोग कर लिए जाने पर उसे उस वर्ष या किसी अन्य पूर्ववर्ष के लिए तत्पश्चात् वापस नहीं लिया जा सकता।

 

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा संशोधित रूप में]

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