केन्द्रीय उत्पाद- शुल्क अधिनियम की धारा 5क के अधीन जारी अधिसूचना का भूतलक्षी रूप से संशोधन
उत्पाद शुल्क
केन्द्रीय उत्पाद- शुल्क अधिनियम की धारा 5क के अधीन जारी अधिसूचना का भूतलक्षी रूप से संशोधन।
112. (1) केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 (1944 का 1) की धारा 5क की उपधारा (1) के अधीन जारी, भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) की अधिसूचना संख्यांक सा.का.नि. 163(अ), तारीख 17 मार्च, 2012 के अधिक्रमण के होते हुए भी, पांचवी अनुसूची के स्तंभ (2) में, विनिर्दिष्ट रीति में, उस अनुसूची के स्तंभ (1) में विनिर्दिष्ट उक्त अधिसूचना के सामने, उस अनुसूची के स्तंभ (3) में विनिर्दिष्ट तत्संबंधी तारीख से ही, संशोधित की जाती है और भूतलक्षी रूप से संशोधित की हुई मानी जाएगी ।
(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, केन्द्रीय सरकार को, उक्त अधिसूचना का भूतलक्षी रूप से संशोधन करने की शक्ति प्राप्त होगी और इस प्रकार संशोधन करने की शक्ति प्राप्त हुई मानी जाएगी मानो, सभी तात्विक समयों पर केन्द्रीय सरकार को केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 (1944 का 1) की धारा 5क की उपधारा (1) के अधीन उक्त अधिसूचना का भूतलक्षी रूप से संशोधन करने की शक्ति प्राप्त हुई होती ।
स्पष्टीकरण- शंकाओं को दूर करने के लिए, यह घोषणा की जाती है कि किसी व्यक्ति की ओर से किया गया कोई कृत्य या लोप किसी अपराध के रूप में उसी प्रकार दंडनीय होगा जो इस प्रकार दंडनीय नहीं होता यदि यह धारा प्रवृत्त नहीं हुई होती ।

