धारा 28 के संशोधन
धारा 28 का संशोधन.
111. शब्द "किसी भी अनुसूचित बैंक या अनुसूचित बैंकों के किसी भी वर्ग," शब्द "किसी भी क्रेडिट संस्था या ऋण संस्थाओं के किसी भी वर्ग या ऋण के किसी भी वर्ग पर कोई ब्याज या अग्रिम" हो जाएगा के लिए ब्याज कर अधिनियम की धारा 28 में अक्टूबर, 1991 के 1 दिन से प्रभावी, एवजी.
[वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1991]

