मान्यताप्राप्त भविष्य निधि के संचित अतिशेष पर कर
मान्यताप्राप्त भविष्य निधि के संचित अतिशेष पर कर
111. (1) जहां किसी मान्यताप्राप्त भविष्य-निधि में भाग लेने वाले कर्मचारी को देय संचित अतिशेष, चौथी अनुसूची के भाग क के नियम 8 के उपबंधों के लागू न होने के कारण, उसकी कुल आय में सम्मिलित किया जाता है, वहां 9[निर्धारण] अधिकारी 10[कर] की विभिन्न राशियों का योग उसके नियम 9 के उपनियम (1) के उपबंधों के अनुसार परिकलित करेगा।
(2) जहां किसी मान्यताप्राप्त भविष्य-निधि में भाग लेने वाले कर्मचारी को देय संचित अतिशेष, जो चतुर्थ अनुसूची के भाग क के नियम 8 के उपबंधों के अधीन उसकी कुल आय में सम्मिलित नहीं किया जाता है, संदेय हो जाता है, वहां उसके नियम 9 के उपनियम (2) में उपबंधित रीति से अधिकर परिकलित किया जाएगा।
9. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से ‘आय-कर’ के स्थान पर प्रतिस्थापित।
10. वित्त अधिनियम, 1965 द्वारा 1.4.1965 से ‘आय-कर और अधिकर’ के स्थान पर प्रतिस्थापित।
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा संशोधित रूप में]

