अनिवासियों के मामले में आय का निर्धारण ।
9. ऐसे किसी मामले में जिसमें निर्धारण अधिकारी की राय हो कि किसी अनिवासी व्यक्ति को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से, के माध्यम से अथवा से उपार्जित या प्राप्त होने वाली आय की वास्तविक रकम—
| (क) | भारत में कोई संपत्ति या आय का स्रोत: या | |
| (ख) | भारत में कोई संपत्ति: या | |
| (ग) | भारत में कोई व्यावसायिक संबंध, |
निश्चित रूप से पता नहीं लगाया जा सकता है, आय-कर के निर्धारण के प्रयोजनों के लिए ऐसी आय की रकम की गणना की जा सकती है -
| (i) | इस प्रकार प्रोद्भूत या उत्पन्न होने वाले आवर्त के ऐसे प्रतिशत पर जिसे मूल्यांकन अधिकारी उचित समझे: या | |
| (ii) | किसी भी रकम पर, जिसका अनुपात उस व्यक्ति के कारबार के कुल लाभ और अभिलाभ के बराबर हो (ऐसे लाभ और अभिलाभ की गणना अधिनियम के नियमों के अनुसार की जाएगी), और जो इस तरह मिलने वाली या होने वाली रसीदों का कारबार की कुल रसीदों के बराबर हो; या | |
| (iii) | ऐसे अन्य रीति से जिसे कर निर्धारण अधिकारी उपयुक्त समझे । |

