ऐसी आय के संबंध में, जो कुल आय में सम्मिलित किए जाने योग्य नहीं है व्यय की रकम अवधारण करने के लिए पद्धति
8घ. (1) जहां निर्धारण अधिकारी का, गत वर्ष के निर्धारिती के लेखाओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी आय के संबंध में, जो ऐसी गत वर्ष के लिए अधिनियम के अधीन कुल आय का भाग नहीं बनती है, निम्नलिखित के संबंध में समाधान नहीं होता है -
(क) निर्धारिती द्वारा किए गए व्यय के दावे की परिशुद्धता; या
(ख) निर्धारिती द्वारा किया गया दावा कि कोर्इ व्यय उपगत नहीं किया गया है,
वहां वह ऐसी आय के संबंध में व्यय की रकम का अवधारण उपनियम (2) के उपबंधों के अनुसार करेगा।
(2) आय के संबंध में व्यय, जो कुल आय का भाग नहीं बनता है, वह निम्नलिखित रकमों का योग होगा, अर्थात्–
(i) आय से प्रत्यक्षत: संबंधित व्यय की रकम, जो कुल आय का भाग नहीं बनता है; और
(ii) विनिधान के मूल्य के आदि अतिशेष और अंत अतिशेष की मासिक औसत के वार्षिक औसत के एक प्रतिशत के बराबर रकम, जो कुल आय का भाग नहीं है या भाग नहीं बनती है:
परंतु खंड (i) और खंड (ii) में निर्दिष्ट रकम निर्धारिती द्वारा दावा किए गए कुल व्यय से अधिक नहीं होगी।

