विदेशी कर प्रत्यय ।
76. (1) किसी निर्धारिती को, जो निवासी हैं, भारत के बाहर किसी देश या विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र में उसके द्वारा संदाय किए गए किसी विदेशी कर की रकम का प्रत्यय, उस कर वर्ष में, जिसमें ऐसे कर की तत्स्थानी आय, भारत में कर के लिए प्रस्तावित की गई है या उसका निर्धारण किया गया है, कटौती के रूप में या अन्यथा, इस नियम में यथा विनिर्दिष्ट पद्धति में और सीमा तक, अनुज्ञात किया जाएगा ।
(2) किसी दशा में, जहां ऐसी आय, जिस पर विदेशी कर का संदाय किया गया है या कटौती की गई है, एक से अधिक कर वर्षों में कर के लिए प्रस्तावित की जाती है, वहां विदेशी कर का प्रत्यय उन कर वर्षों में उसी अनुपात में दिया जाएगा, जिस अनुपात में आय भारत में कर के लिए प्रस्तावित की जाती या कर के लिए निर्धारित की जाती है ।
(3) उपनियम (1) में निर्दिष्ट विदेशी कर से निम्नलिखित अभिप्रेत है, —
| (क) | भारत के बाहर किसी ऐसे देश या विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र के संबंध में, जिसके साथ भारत ने धारा 159 के अधीन आय पर दोहरे कराधान से राहत या बचाव के लिए करार किया है, उक्त करार के अंतर्गत आने वाला कर; | |
| (ख) | भारत के बाहर किसी अन्य देश या विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र के संबंध में, उस देश या विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र में प्रवृत्त विधि के अधीन धारा 160 ( 3 ) (क) में निर्दिष्ट आयकर की प्रकृति में देय कर । |
(4) उपनियम (1) के अधीन प्रत्यय, इस अधिनियम के अधीन संदेय कर, अधिभार और उपकर की रकम के विरुद्ध उपलब्ध होगा, किंतु ब्याज, फीस या शास्ति के रूप में संदेय किसी भी रकम के संबंध में उपलब्ध नहीं होगा ।
(5) उपनियम (6) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, विदेशी कर की किसी रकम या उसके किसी भाग के संबंध में, जिसके संबंध में निर्धारिती द्वारा किसी भी पद्धति में विवाद किया जाता है, उपनियम (1) के अधीन कोई प्रत्यय उपलब्ध नहीं होगा ।
(6) यदि निर्धारिती, यदि कोई व्यक्ति विवाद के अंतिम निपटारे वाले मास के अंत से छह मास के भीतर विवाद के निपटारे का प्रमाण और इस आशय का साक्ष्य प्रस्तुत करता है कि उसने ऐसे विदेशी कर के संदाय की देयता का निर्वहन कर दिया है और यह वचन देता है कि ऐसी रकम के संबंध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई प्रतिदाय का दावा नहीं किया गया है और न ही किया जाएगा, तो विवादित कर का प्रत्यय उस वर्ष के लिए स्वीकृत किया जाएगा, जिसमें ऐसी आय भारत में कर के लिए प्रस्तावित की जाती है या कर का निर्धारण किया जाता है।
(7) विदेशी कर का प्रत्यय भारत के बाहर किसी विशेष देश या विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र से उद्भूत होने वाली आय के प्रत्येक स्रोत के लिए पृथकत: संगणना किए गए प्रत्यय की कुल रकम होगी और इसे निम्नलिखित पद्धति में क्रियांवित किया जाएगा :—
| (क) | प्रत्यय, अधिनियम के अधीन ऐसी आय पर संदेय कर और ऐसी आय पर संदाय किए गए विदेशी कर में से जो भी कम हो, वह होगा, इसलिए, औरपि, जहां संदाय किया गया विदेशी कर दोहरे कराधान से राहत या बचाव के लिए करार के उपबंधों के अनुसार देय कर की रकम से अधिक है, तो ऐसी अतिरिक्त रकम को हिसाब में नहीं लिया जाएगा; | |
| (ख) | विदेशी कर के संदाय की मुद्रा को उस मास के, जिसमें ऐसा कर का संदाय किया गया है या उसकी कटौती की गई है, ठीक पूर्ववर्ती मास के अंतिम दिन की टेलीग्राफिक ट्रांसफर क्रय दर पर परिवर्तित करके प्रत्यय अवधारण किया जाएगा । |
(8) यदि धारा 206 के उपबंधों के अधीन कोई कर संदेय है, तो ऐसे कर के लिए विदेशी कर का प्रत्यय उसी पद्धति में किया जाएगा, जिसमें उक्त धाराओं (जिसे इसमें सामान्य उपबंध कहा गया है) के उपबंधों के भिन्न अधिनियम के उपबंधों के अंतर्गत संदेय किसी कर के लिए अनुज्ञेय है ।
(9) जहां धारा 206 के उपबंधों के अधीन संदेय कर के लिए उपलब्ध विदेशी कर प्रत्यय की रकम सामान्य उपबंधों के लिए उपलब्ध कर प्रत्यय की रकम से अधिक हो, वहां धारा 206 (1) (ड) से (त) और धारा 206 (2) (ङ) से (ज) के अधीन प्रत्यय की रकम की संगणना करते समय, यथास्थिति, धारा 206 (1) और (2) के अधीन संदाय किए गए करों के संबंध में ऐसी अधिकता को हिसाब में नहीं लिया जाएगा ।
(10) किसी विदेशी कर का प्रत्यय निर्धारिती द्वारा निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने पर अनुज्ञात किया जाएगा :
| (क) | भारत के बाहर किसी देश या विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र से प्राप्त आय का विवरण, जिसे कर वर्ष के लिए कर के लिए प्रस्तावित किया गया हो, और ऐसी आय पर काटे गए या संदाय किए गए विदेशी कर का विवरण प्ररूप संख्या 44 में प्रस्तावित किया गया हो और उसमें निर्दिष्ट पद्धति से सत्यापित किया गया हो; और | |
| (ख) | निर्धारिती द्वारा आय की प्रकृति और उससे काटे गए या संदाय किए गए कर की रकम को निर्दिष्ट करने वाला प्रमाण पत्र या विवरण- |
| (i) | भारत के बाहर किसी देश या विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र के कर प्राधिकरण से, या | |
| (ii) | ऐसे कर की कटौती के लिए उत्तरदायी व्यक्ति से ; या | |
| (iii) | निर्धारिती द्वारा हस्ताक्षरित । |
(11) उपनियम (10) (ख) में निर्धारिती द्वारा प्रस्तुत प्रमाण पत्र या विवरण विधिमान्य होगा, यदि इसके साथ निम्नलिखित संलग्न हो—
| (क) | ऑनलाइन संदाय की पावती या बैंक काउंटर पर जमा की गई रसीद या कर संदाय का चालान, जहां निर्धारिती द्वारा संदाय किया गया हो; या | |
| (ख) | कटौती का प्रमाण, जहां कर की कटौती की जा चुकी है । |
(12) उपनियम (10) (क) में निर्दिष्ट प्ररूप संख्या 44 में विवरण और उपनियम (10) (ख) में निर्दिष्ट प्रमाण पत्र या विवरण सुसंगत कर वर्ष की समाप्ति से बारह मास के भीतर प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें उपनियम (1) में निर्दिष्ट आय भारत में कर के लिए प्रस्तावित या कर के लिए निर्धारित की गई है और ऐसे कर वर्ष के लिए विवरणी उपनियम (13) के उपबंधों के अधीन धारा 263 (1) या (4) के अधीन विनिर्दिष्ट समय के भीतर प्रस्तुत की गई है।
(13) जहां विवरणी धारा 263 (6) (क) के अधीन प्रस्तुत की गई है, वहां उपनियम (10) (क) में निर्दिष्ट प्ररूप संख्या 44 में विवरण और उपनियम (10) (ख) में निर्दिष्ट प्रमाण पत्र या विवरण, उस सीमा तक, जहां तक वह अद्यतन विवरणी में सम्मिलित आय से संबंधित है, उस तारीख को या उससे पूर्व, जिसको ऐसी विवरणी प्रस्तुत की गई है, प्रस्तुत किया जाएगा ।
(14) प्ररूप संख्या 44 ऐसी दशा में भी प्रस्तुत किया जाएगा, जहां यथास्थिति, चालू वर्ष की हानि को पिछले वर्ष में ले जाने या किसी वर्ष की विवरणी या इसी प्रकार के विवरण के पुनरीक्षण या किसी अन्य कारण से विदेशी कर का प्रतिदाय होता है, जिसके लिए किसी कर वर्ष या कर वर्षों में प्रत्यय का दावा किया गया है।
(15) उपनियम (6) के प्रयोजनों के लिए, निर्धारिती प्ररूप संख्या 45 में सूचना और विवाद के निपटारे का साक्ष्य प्रस्तुत करेगा, जिसमें कर के संदाय का साक्ष्य भी सम्मिलित है।
(16) प्ररूप संख्या 44 का सत्यापन धारा 515 (3) (ख) में परिभाषित लेखाकार द्वारा किया जाएगा, —
| (क) | जहां निर्धारिती एक कंपनी है, या | |
| (ख) | अन्य सभी दशाओं में, जहां किसी कर वर्ष के लिए भारत के बाहर संदाय किए गए विदेशी कर की रकम Rs.100000 के समान या उससे अधिक हो। |
(17) उस दशा में, जहां सुसंगत कर वर्ष के लिए प्रस्तुत प्ररूप संख्या 44 को उपनियम (16) के अधीन लेखाकार द्वारा सत्यापित किया जाना अपेक्षित था, प्ररूप संख्या 45 को धारा 515 (3) (ख) में परिभाषित लेखाकार द्वारा सत्यापित किया जाएगा ।
(18) इस नियम के प्रयोजनों के लिए, "टेलीग्राफिक ट्रांसफर बाइंग रेट" पद का वही अर्थ होगा, जो नियम 207 में उसका है ।

