जब बकाया के रूप में या अग्रिम रूप से वेतन, उपदान आदि का संदाय किया जाता है, तब धारा 157 (1) के अधीन राहत ।
73. (1) जहां, किसी निर्धारिती की किसी कर वर्ष (जिसे इस नियम में सुसंगत कर वर्ष के रूप में कहा गया है) के लिए कुल आय का निर्धारण, सुसंगत कर वर्ष में निम्नलिखित सारणी के स्तंभ ख में यथा विनिर्दिष्ट प्राप्तियों के कारण, उस दर से अधिक दर पर किया जाता है, जिस दर पर अन्यथा किया जाता, वहां धारा 157 (1) के अंतर्गत स्वीकार्य राहत उसके स्तंभ ग में विनिर्दिष्ट के अनुसार होगी :
सारणी
| क्र. सं. | प्राप्तियां | राहत | |||||||||||||||||||||||||||
| क | ख | ग | |||||||||||||||||||||||||||
| 1. | वेतन का कोई भाग, जो बकाया या अग्रिम रूप से प्राप्त हुआ हो, या कुटुंब पेंशन का कोई भाग, जो बकाया रूप में प्राप्त हुआ हो (जिसे इसमें, यथास्थिति, "अतिरिक्त वेतन " या "अतिरिक्त कुटुंब पेंशन" कहा गया है)। | राहत = क ख, यदि क, ख से अधिक है, जहां- क = ग – घ; ख = ङ का कुल योग ङ = च - छ और राहत की संगणना निम्नलिखित प्रक्रमों में की जाएगी। प्रक्रम 1 : जहां अतिरिक्त वेतन या अतिरिक्त कुटुंब पेंशन एक या अधिक कर वर्षों से संबंधित है, वहां पहले उन कर वर्षों का अभिनिश्चय किया जाएगा, जिनसे अतिरिक्त वेतन या अतिरिक्त कुटुंब पेंशन संबंधित है और प्रत्येक ऐसे कर वर्ष से संबंधित रकम का भी अभिनिश्चय किया जाएगा। प्रक्रम 2 : संगणना करें क=ग-घ, जहां- ग = सुसंगत कर वर्ष की कुल आय पर कर ; घ = कुल आय पर कर जिसमें से अतिरिक्त वेतन या अतिरिक्त कुटुंब पेंशन घटा दी गई हो, मानो इस प्रकार घटाई गई कुल आय सुसंगत कर वर्ष की कुल आय हो; और क = सुसंगत कर वर्ष के लिए अतिरिक्त वेतन या अतिरिक्त कुटुंब पेंशन पर कर। प्रक्रम 3: संगणना करेंङ = च - छ, जहां,- छ = प्रक्रम 1 में अभिनिश्चित प्रत्येक कर वर्ष की कुल आय के संबंध में संदेय कर : च = ऐसे कर वर्ष की कुल आय पर संदेय कर, जिसमें प्रक्रम 1 में अभिनिश्चित ऐसे कर वर्ष से संबंधित रकम को जोड़ा गया हो, मानो इस प्रकार जोड़ी गई कुल आय उस कर वर्ष की कुल आय हो : और ङ = प्रक्रम 1 में अभिनिश्चित प्रत्येक कर वर्ष के लिए अतिरिक्त वेतन या अतिरिक्त कुटुंब पेंशन पर कर । प्रक्रम 4 : ख = अतिरिक्त वेतन या अतिरिक्त कुटुंब पेंशन पर लगने वाले कर का कुल योग । प्रक्रम 3 में इ के रूप में अभिनिश्चित अतिरिक्त वेतन या अतिरिक्त कुटुंब पेंशन पर लगने वाले कर की कुल रकम को प्रक्रम 1 में निर्धारित सभी कर वर्षों के लिए "ख" के रूप में संगणना करें । | |||||||||||||||||||||||||||
| 2. | पांच वर्ष या उससे अधिक, परंतु पंद्रह वर्ष से कम की अवधि के लिए पूर्व सेवाओं के संबंध में प्राप्त उपदान । | राहत = छx (आर 1 आर औसत) यदि आर 1, आर औसत से अधिक हो जहां,- छ = सुसंगत कर वर्ष में प्राप्त उपदान
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| 3. | पंद्रह वर्ष से अन्यून की अवधि के लिए की गई पूर्व सेवाओं के संबंध में प्राप्त उपदान । | राहत = छ x (आर 1 - आर औसत), यदि आर 1, आर औसत से अधिक हो । जहां,- छ = सुसंगत कर वर्ष में प्राप्त उपदान,
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| 4. | न्यूनतम तीन वर्ष की निरंतर सेवा के पश्चात् नियोजन की समाप्ति पर या उसके संबंध में नियोक्ता या पूर्व नियोक्ता से प्राप्त प्रतिकर, जहां नियोजन की शेष अवधि भी तीन वर्ष से अन्यून हो । | राहत = ग x (आर1 आर औसत), यदि आर 1, आर औसत से अधिक हो। जहां,- ग = सुसंगत कर वर्ष में प्राप्त प्रतिकर की रकम;
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| 5. | प्राप्त पेंशन का सरांशीकरण | राहत = पी x (आर1 आर औसत), यदि आर 1, आर औसत से अधिक हो। जहां - पी = पेंशन के संराशीकरण की रकम
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(2) बोर्ड, अन्य किसी भी प्रकार की प्राप्तियों की दशा में, मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, ऐसी राहत प्रदान कर सकेगी, जो वह ठीक समझे।
(3) धारा 157 (1) के अधीन राहत का दावा करने के लिए, निर्धारिती धारा 263 (1) (ग) के अधीन निर्दिष्ट नियत तारीख पर या उससे पूर्व प्ररूप संख्या 39 में विनिर्दिष्ट विशिष्टियां प्रस्तुत करेगा ।
(4) जहां निर्धारिती, सरकारी कर्मचारी या किसी कंपनी, सहकारी समिति, स्थानीय प्राधिकरण, विश्वविद्यालय, संस्था, संघ या निकाय में कर्मचारी होने के कारण, धारा 157 (1) के अधीन राहत का हकदार है, वहां वह धारा 392 (1) में निर्दिष्ट संदाय करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति को प्ररूप संख्या 39 में विनिर्दिष्ट विशिष्टियां प्रस्तुत कर सकेगा ।

