घ--विशेष मामले
ऐसी आय जो भागत: कृषि से और भागत: कारबार से होती है
7. (1) ऐसी आय की दशा में, जो धारा 2 में यथापरिभाषित आंशिक रूप से कृषि आय है और ''कारबार के लाभ और अभिलाभ'' शीर्ष के अंतर्गत आय-कर से आंशिक रूप से प्रभार्य आय है, उस भाग का अवधारण करने में जो आय-कर से प्रभार्य है; किसी कृषि उत्पाद, जिसे निर्धारिती ने उगाया है, के बाजार मूल्य की, जिसे वस्तु रूप में लगान के रूप में उसके द्वारा प्राप्त किया गया है और जिसे ऐसे कारबार में एक कच्ची सामग्री के रूप में उपयोग में लाया गया है या जिसकी विक्रय प्राप्तियां कारबार के खातों में सम्मिलित की जाती हैं, कटौती की जाएगी और खेतिहर रूप में निर्धारिती या वस्तु रूप में लगान के प्राप्तकर्ता द्वारा उपगत व्यय के संबंध में कोर्इ अतिरिक्त कटौती नहीं की जाएगी।
(2) उपनियम (1) के प्रयोजनों के लिए ''बाजार मूल्य'' निम्नलिखित माना जाएगा :--
(क) जहां कृषि उत्पाद अपनी कच्ची अवस्था में बाजार में साधारणतया विक्रय किया जाता है या किसी खेतिहर या वस्तु रूप में लगान के प्राप्तकर्त्ता द्वारा साधारणतया प्रयोग की गर्इ किसी प्रक्रिया को अनुप्रयुक्त करने के पश्चात्, औसत कीमत, जिस पर इसे सुसंगत पूर्ववर्ती वर्ष के दौरान इस प्रकार बेचा गया है, के अनुसार परिकलित किया गया मूल्य;
(ख) जहां कृषि उत्पाद को इसकी कच्ची अवस्था में या किसी पूर्वोक्त प्रक्रिया को इस पर अनुप्रयुक्त किए जाने के पश्चात् बाजार में साधारणतया नहीं बेचा जाता है, वहाँ निम्नलिखित का योग--
(i) कृषि व्यय;
(ii) क्षेत्र, जिसमें इसे उगाया गया था, के लिए भुगतान किया गया भूराजस्व या किराया; और
(iii) ऐसी रकम जिसे निर्धारण अधिकारी प्रत्येक मामले में सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए युक्तियुक्त लाभ को व्यक्त करने वाला पाता है।

