आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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नियम संख्या. 58

नियम संख्या.

58

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

08/01/2026

धारा 92(3) (i) और धारा 79 के प्रयोजन के लिए व्यक्तियों का अवधारित वर्ग ।

58. (1) धारा 92(2) (ड) के उपबंध निम्नलिखित सारणी के स्तंभ ख में निर्दिष्ट व्यक्तियों के वर्ग पर लागू नहीं होंगे, जहाँ ऐसे व्यक्ति स्तंभ घ में निर्दिष्ट शर्तों की समाधान के अधीन, स्तंभ ग में निर्दिष्ट प्रकृति की संपत्तियां प्राप्त करते हैं:

क्रम. सं.व्यक्तियों का वर्गसंपत्ति की प्रकृतिस्थितियाँ
कखगघ
1.दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र में किसी अप्राधिकृत कॉलोनी का निवासी ।कोई भी अचल संपत्ति, चाहे वह ज़मीन हो या भवन, या दोनों।जहां केंद्रीय सरकार ने अधिसूचना के द्वारा, नवीनतम पावर ऑफ अटॉर्नी, विक्रय के लिए समझौते, वसीयत, कब्जा पत्र और अन्य दस्तावेजों के आधार पर ऐसी अचल संपत्ति के लेन-देन को नियमित किया है, जिसमें ऐसे निवासी के पक्ष में ऐसी अचल संपत्ति के संबंध में स्वामित्व या अंतरण या बंधक के अधिकार को प्रदान करने या मान्यता देने के लिए विचार के भुगतान को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज सम्मिलित हैं।
2.शेयरधारक ।किसी कंपनी या उसकी सहायक कंपनी या ऐसी सहायक कंपनी की सहायक कंपनी की कोई चल संपत्ति, जो उद्धृत शेयर न हो
(क) जहां कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) की धारा 241 के अधीन केंद्रीय सरकार के आवेदन पर ऐसी कंपनी के निदेशक मंडल को निलंबित कर दिया है और उस अधिनियम के धारा 242 के अधीन केंद्रीय सरकार द्वारा अभिहित नए निदेशकों को नियुक्त किया है; और
(ख) जहां कंपनी या उसकी सहायक कंपनी या ऐसी सहायक कंपनी की सहायक कंपनी का शेयर, क्षेत्राधिकार वाले प्रधान आयुक्त या आयुक्त को सुनवाई का उचित अवसर देने के पश्चात अधिकरण द्वारा कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) की धारा 242 के अधीन अनुमोदित समाधान स्कीम के अनुसरण में शेयरधारक द्वारा प्राप्त कर लिया गया हो ।
3.विनिधानकर्ता या विनिधानकर्ता बैंकपुनर्निर्मित बैंक की कोई भी चल संपत्ति, जो इक्विटी शेयर होजहां उक्त शेयर को पुनर्निर्मित बैंक द्वारा स्कीम के अधीन स्कीम के पैरा 3(3) में विनिर्दिष्ट मूल्य पर आबंटित किया गया है।
4.किसी पब्लिक सेक्टर कंपनी या केंद्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार का कोई भी व्यक्तिकोई भी चल संपत्ति, जो किसी पब्लिक सेक्टर की कंपनी या कंपनी के इक्विटी शेयर होऐसे शेयर रणनीतिक अपविनिधान के अधीन प्राप्त हुए हैं
5.परिणामी निधि की निधि प्रबंध इकाई ।कोई भी चल संपत्ति, चाहे वह शेयर हो या यूनिट या परिणामी निधि में ब्याज ।

शेयर या यूनिट, विनिधान प्रबंधक इकाई द्वारा मूल निधि में रखे गए शेयरों या यूनिटों या हित के बदले में, अंतरण के अनुसरण में, निम्नलिखित शर्तों के अधीन प्राप्त किए गए हैं:--

(क) परिणामी निधि की निधि प्रबंध इकाई में कम से कम 90% शेयर या यूनिट या हित उन्हीं इकाई या व्यक्तियों के पास हैं, उसी अनुपात में जैसे उनके पास ओरिजिनल निधि की विनिधान प्रबंधक इकाई में थे, और
(ख) मूल निधि की विनिधान प्रबंधक इकाई में शेयरों या इकाइयों या ब्याज के कुल योग का कम से कम 90% ऐसी संस्थाओं या व्यक्तियों द्वारा धारण किया गया था।

(2) धारा 79 के उपबंध उपनियम (1) [ सारणी: क्रम संख्या 2] में वर्णित प्रकृति की किसी चल संपत्ति के अंतरण पर भी लागू नहीं होंगे, जहां इसमें वर्णित शर्तें पूरी होती हैं ।

(3) निम्नलिखित के प्रयोजनों के लिए-

(क) उप नियम (1) [ सारणी क्रमांक 01]--
(i) " निवासी" का अर्थ है वह व्यक्ति जिसके पास रजिस्ट्रीकृत सेल विलेख या लेटेस्ट पावर ऑफ अटॉर्नी, करार टू सेल, वसीयत, पजेशन लेटर और दूसरे डॉक्यूमेंट्स के आधार पर संपत्ति का फिजिकल कब्ज़ा हो, जिसमें अप्राधिकृत कॉलोनियों में संपत्ति के संबंध में संदाय के सबूत वाले डॉक्यूमेंट्स सम्मिलित हैं और इसमें उनके कानूनी वारिस सम्मिलित हैं, लेकिन इसमें किराएदार, लाइसेंसी या परमिसिव यूज़र सम्मिलित नहीं हैं; और
(ii) "अनधिकृत कॉलोनी का वही अर्थ होगा, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (अनधिकृत कॉलोनियों में निवासियों के संपत्ति अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2019 (2019 का 45) की धारा 2 के खंड (ख) में संदत है ;
(ख) उपनियम (1) [ सारणी: क्रम संख्या 02].--
(i) कोई कंपनी किसी दूसरी कंपनी की सब्सिडियरी होगी, यदि ऐसी दूसरी कंपनी के पास कंपनी के इक्विटी शेयर पूंजी की नॉमिनल मूल्य के आधे से अधिक शेयर हों और
(ii) " अधिकरण" का वही अर्थ होगा, जो कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) की धारा 2(90) में निर्दिष्ट है:
(ग) उपनियम (1) [ सारणी क्रम संख्या 03],-
(i) "विनिधानकर्ता" का वही अर्थ होगा, जो उसका स्कीम के पैरा 2(1) (ख) में है;
(ii) " विनिधानकर्ता बैंक का वही अर्थ होगा, जो उसका स्कीम के पैरा 2(1)(ग) में है:
(iii) "पुनर्गठित बैंक" का वही अर्थ होगा, जो उसका स्कीम के पैरा 2(1)(घ) में है; और
(iv) "स्कीम' से यस बैंक लिमिटेड पुनर्निर्माण स्कीम, 2020 = है।
(घ) उपनियम (1) [सारणी क्रम संख्या 04], "रणनीतिक अपविनिधान का वही अर्थ होगा, जो उसका धारा 116 (3) (ग) में है तथा
(ङ) उप नियम (1) [सारणी क्रम संख्या 05]-
(i) पदों "स्थानान्तरण", "मूल निधि" तथा "परिणामी निधि का वही अर्थ होगा जो उनका धारा 70(2) में क्रमश: है [ सारणी: क्रम संख्या 5]
(ii) "निधि प्रबंध इकाई" का वही अर्थ होगा जो उसका अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण अधिनियम, 2019 (2019 का 50) के अधीन बनाए गए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (निधि प्रबंध) विनियम, 2022 के विनियम 2 (थ) में है; और
(iii) "विनिधान प्रबंधक इकाई से ऐसी मूल निधि का निधि प्रबंधक अभिप्रेत है जो उस क्षेत्राधिकार के संबंधित विनियमन द्वारा विनियमित होता है जिसमें मूल निधि स्थित है।

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