आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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नियम संख्या. 53

नियम संख्या.

53

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

08/01/2026

धारा 77 के प्रयोजनों के लिए पूंजीगत आस्तियों के उचित बाजार मूल्य की गणना |

53. (1) धारा 77(3)(ख) के प्रयोजनों के लिए, पूंजीगत आस्तियों का उचित बाजार मूल्य उपनियम (2) के अधीन अवधारित एफएमवी या उपनियम (3) के अधीन अवधारित एफएमवी2 होगा, जो भी अधिक हो।

(2) एफएमवी | मंदी विक्रय के माध्यम से स्थानांतरित पूंजीगत आस्तियों का उचित बाजार मूल्य होगा, जो निम्न सूत्र के अनुसार अवधारित किया जाएगा-

 क+ख+ग+घ-ठ,
 जहाँ,
 क = उपक्रम या प्रभाग की लेखा पुस्तकों में दिखाई देने वाली सभी आस्तियों (आभूषण, कलात्मक कार्य, शेयर, प्रतिभूतियां और अचल संपत्ति से भिन्न) का बही मूल्य, जो मंदी की विक्रय के माध्यम से स्थानांतरित किया गया है, जिसमें से निम्नलिखित रकम घटाई गई है जो ऐसे उपक्रम या प्रभाग से संबंधित है, -
(i) चुकाई गई आय-कर की कोई भी रकम यदि कोई हो, जिसे क्लेम की गई आय- कर रिनिधि की रकम, यदि कोई हो, से घटाया गया हो; और
(ii) आस्ति के रूप में दिखाई गई कोई रकम, जिसमें आस्थगित व्यय की अमोर्टाइज्ड रकम भी सम्मिलित है जो किसी आस्ति के मूल्य को नहीं दर्शाती हैं;
 ख = वह मूल्य जो रजिस्ट्रीकृत मूल्यांकक से प्राप्त मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर खुले बाजार में बेचे जाने पर आभूषण और कलात्मक कार्य को मिलेगा,
 ग = नियम 57 में दिए गए रीति से अवधारित शेयरों और प्रतिभूतियों का उचित बाजार मूल्य:
 घ = अचल संपत्ति के संबंध में स्टाम्प ड्यूटी के भुगतान के उद्देश्य से सरकार के किसी भी प्राधिकरण द्वारा अपनाई गई या आंकी गई या आंकी जा सकने वाली कीमत और
 ठ = उपक्रम या डिवीजन के खाता बहियों में दिखाई देने वाली देनदारियों का बही मूल्य, जो मंदी की विक्रय के माध्यम से स्थानांतरित किया गया है, लेकिन इसमें निम्नलिखित रकमयां सम्मिलित नहीं हैं, जो ऐसे उपक्रम या डिवीजन से संबंधित हैं, अर्थात्:
(i) इक्विटी शेयरों के संबंध में संदत्त पूंजी;
(ii) वरीयता शेयरों और इक्विटी शेयरों पर लाभांश के भुगतान के लिए अलग रखी गई रकम, जहां ऐसे लाभांश कंपनी की आम निकाय बैठक में अंतरण की दिनांक से पहले घोषित नहीं किए गए हैं;
(iii) आरक्षित निधि एवं अधिशेष, चाहे किसी भी नाम से पुकारे जाएं, भले ही परिणामी आंकड़ा ऋणात्मक हो, मूल्यह्रास के लिए अलग रखे गए आंकड़ों को छोड़कर,
(iv) कर के लिए उपबंध को दर्शाने वाली कोई रकम भुगतान किए गए आय कर की रकम से भिन्न यदि कोई हो, जो कि रिनिधि के रूप में दावा किए गए आय कर की रकम से कम हो, यदि कोई हो, उस पर लागू विधि के अनुसार पुस्तक लाभ के संदर्भ में देय कर से अधिक की सीमा तक:
(v) अवधारित देनदारियों से भिन्न, देनदारियों को पूरा करने के लिए किए गए उपबंध को दिखाने वाली कोई भी रकम और
(vi) संचयी वरीयता शेयरों के संबंध में देय लाभांश के बकाया से भिन्न आकस्मिक देनदारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली कोई रकमा

(3) एफएमवी) मंदी की विक्रय के माध्यम से अंतरण के परिणामस्वरूप प्राप्त या उपार्जित विचार का उचित बाजार मूल्य होगा, जो निम्न सूत्र के अनुसार अवधारित किया जाएगा-

 ड+च+छ+ज्,
 जहाँ,
 ड = अंतरण के परिणामस्वरूप प्राप्त या अर्जित धनीय विचार का मूल्य
 च = [ सारणी: क्रम संख्या 1 से 5] में निर्दिष्ट संपत्ति द्वारा दर्शाए गए अंतरण के परिणामस्वरूप प्राप्त या प्रोद्भवित गैर-धनीय विचार का उचित बाजार मूल्य, उक्त संपत्ति के लिए उक्त नियम में प्रदान की गई रीति से अवधारित किया गया :
 छ = वह कीमत जो संपत्ति के अंतरण के नतीजे में मिली या जमा होने वाली नॉन-मॉनेटरी कीमत, अचल संपत्ति से भिन्न, जो नियम 57 (सारणी: क्रम संख्या 1 से 5) में सम्मिलित नहीं है. यदि संपत्ति के संबंध में रजिस्ट्रीकृत मूल्यअर से मिली मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर खुले बाज़ार में बेची जाए; और
 ज = वह मूल्य जो सरकार की किसी प्राधिकारी ने स्टैम्प ड्यूटी के संदाय के मकसद से, अचल संपत्ति के संबंध में अपनाई या अवधारित की या अवधारित की जा सकने वाली है, यदि अंतरण के नतीजे में मिली या जमा हुई नॉन-मॉनेटरी रकम अचल संपत्ति से दिखाई जाती है।

(4) नियम (2) तथा (3) के अधीन पूंजी आस्तियों का उचित बाजार मूल्य मंदी विक्रय की दिनांक को अवधारित किया जाएगा और इस प्रयोजन के लिए नियम 57 में निर्दिष्ट मूल्यांकन दिनांक का तात्पर्य मंदी विक्रय की दिनांक से भी होगा।

(5) इस नियम के प्रयोजनों के लिए-

(क) "कलात्मक कार्य" से पुरातात्विक संग्रह, चित्र, पेंटिंग, मूर्तियां या कला के किसी भी कार्य अभिप्रेत है; और
(ख) पदों " रजिस्ट्रीकृत मूल्यांकक" तथा "प्रतिभूतियों" के वही अर्थ होंगे, जो उनके नियम 56 में क्रमशः हैं ।

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