1[संयुक्त आयुक्त] (अपील) और आयुक्त (अपील) के समक्ष अतिरिक्त साक्ष्य पेश करना
46क. (1) आवेदक, निम्नलिखित परिस्थितियों के सिवाए यथास्थिति 1[संयुक्त आयुक्त] (अपील) या आयुक्त (अपील) के समक्ष कोई भी ऐसा मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करने का हकदार नहीं होगा जो उसने निर्धारण अधिकारी के समक्ष कार्यवाहियों के दौरान प्रस्तुत न किया हो, अर्थात् :--
(क) जहां निर्धारण अधिकारी ने ऐसे साक्ष्य को ग्रहण करने से इनकार कर दिया हो जो ग्रहण किया जाना चाहिए था; या
(ख) जहां आवेदक को ऐसा साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त कारणों से निवारित किया गया था जिसे प्रस्तुत करने के लिए निर्धारण अधिकारी ने उससे कहा था; या
(ग) जहां आवेदक को ऐसा साक्ष्य निर्धारण अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त कारणों से निवारित किया गया था जो अपील के किसी आधार के लिए सुसंगत है; या
(घ) जहां अपीलार्थी को अपील के किसी आधार से सुसंगत साक्ष्य प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिए बिना निर्धारण अधिकारी ने ऐसा आदेश पारित किया है जिसके विरुद्ध अपील की गई है।
(2) उपनियम (1) के अधीन कोई साक्ष्य तब तक ग्रहण नहीं किया जाएगा जब तक कि यथास्थिति 1[संयुक्त आयुक्त] (अपील) या आयुक्त (अपील) उसके ग्रहण किए जाने के लिए कारण लेखबद्ध न करे।
(3) यथास्थिति, 1[संयुक्त आयुक्त] (अपील) या आयुक्त (अपील) उपनियम (1) के अधीन प्रस्तुत किसी साक्ष्य पर तब तक विचार नहीं करेगा जब तक कि निर्धारण अधिकारी को निम्नलिखित की बाबत पर्याप्त अवसर प्रदान न किया जाए,--
(क) अपीलार्थी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य या दस्तावेज का परीक्षण अथवा साक्षी का प्रतिपरीक्षण; या
(ख) अपीलार्थी द्वारा प्रस्तुत किए गए अतिरिक्त साक्ष्य के खंडन में कोई साक्ष्य, या दस्तावेज या साक्षी का प्रस्तुत किया जाना।
(4) इस नियम की कोई बात यथास्थिति, 1[संयुक्त आयुक्त] (अपील) या आयुक्त (अपील) को अपील का निपटारा करने में समर्थ बनाने के लिए किसी दस्तावेज को पेश करने या किसी साक्षी की परीक्षा करने के निदेश देने की या किन्हीं अन्य सारवान कारणों के लिए उसकी शक्तियों पर प्रभाव नहीं डालेगी जिनके अंतर्गत धारा 251 की उपधारा (1) के खंड (क) के अधीन निर्धारण या शास्ति में वृद्धि (स्वप्रेरणा से या निर्धारण अधिकारी के अनुरोध पर) या धारा 271 के अधीन शास्ति अधिरोपित करना भी है।

