भाग 7खक
क्रय द्वारा शेयरों को वापस लेने के लिए देशी कंपनी की वितरित आय पर कर से संबंधित विशेष उपबंध
शेयरों के निर्गम के संबंध में कंपनी द्वारा प्राप्त रकम
40खख. (1) धारा 115थक की उपधारा (1) के स्पष्टीकरण के खंड (ii) के प्रयोजनों के लिए किसी कंपनी द्वारा उसके द्वारा जारी शेयरों के संबंध में प्राप्त रकम, जो उक्त धारा में निर्दिष्ट क्रय द्वारा वापस लेने की विषय-वस्तु है, का अवधारण इस नियम के अनुसार किया जाएगा।
(2) जहां शेयर का कंपनी द्वारा किसी व्यक्ति को प्रतिश्रुति के माध्यम से निर्गम किया गया है, ऐसे शेयर के संबंध में कंपनी द्वारा वास्तव में प्राप्त रकम, जिसके अंतर्गत प्रीमियम के माध्यम से प्राप्त वास्तविक रकम है, वह रकम होगी, जो कंपनी द्वारा ऐसे शेयर के निर्गम के लिए प्राप्त की गर्इ है।
(3) जहां कंपनी ने किसी भी समय शेयर को क्रय द्वारा वापस लेने से पूर्व ऐसे शेयर के संबंध में प्राप्त रकम से किसी राशि को लौटा दिया है तो इस प्रकार वापस की गर्इ राशि से रकम को घटा दिया जाएगा, घटी हुर्इ रकम कंपनी द्वारा उक्त शेयर के निर्गम के लिए प्राप्त रकम होगी:
परंतु इस प्रकार वापस राशि या उसका कोर्इ भाग धारा 115ण के अधीन अतिरिक्त आय-कर से प्रभार्य था और कंपनी ने अतिरिक्त आय-कर का संदाय किया है तो, यथास्थिति, ऐसी राशि या उसके भाग को कम नहीं किया जाएगा।
(4) जहां कंपनी द्वारा शेयर का किसी योजना या स्कीम के अधीन निर्गम किया गया है, जिसके अधीन स्टॉक के या स्वीट साम्या शेयर के भाग के रूप में विकल्प के रूप में विकल्प का सृजन किया गया है, नियम 3 के उपनियम (8) के अनुसार शेयर का यथा संगणित उचित बाजार मूल्य को जहां तक उसका शेयर पूंजी में और प्रीमियम लेखे में कंपनी द्वारा प्रत्यय किया गया है, को उक्त शेयर के निर्गम के लिए कंपनी द्वारा प्राप्त रकम माना जाएगा।
स्पष्टीकरण - इस नियम के प्रयोजनों के लिए ''स्वीट साम्या शेयर'' का वही अर्थ होगा, जो उसका धारा 17 के खंड (2) के उपखंड (vi) के स्पष्टीकरण में है।
(5) जहां शेयरों का निर्गम किसी कंपनी द्वारा, जो समामेलित कंपनी है, समामेलन की स्कीम के अधीन किसी समामेलित कंपनी के शेयर या शेयरों के बदले किया गया है, तब समामेलक कंपनी द्वारा ऐसे शेयर या शेयरों के संबंध में प्राप्त रकम का अवधारण इस नियम के अधीन किया जाएगा, रकम वह रकम होगी, जो समामेलित कंपनी द्वारा उसके द्वारा जारी शेयरों के संबंध में प्राप्त हुर्इ है।
(6) किसी निर्विलयन की स्कीम के अधीन किसी परिणामी कंपनी द्वारा उस रूप में निर्गम शेयरों के संबंध में प्राप्त रकम, वह रकम होगी जो वह रकम है जो निर्विलीन कंपनी द्वारा मूल शेयरों के संबंध में प्राप्त की गर्इ है, जिसका अवधारण इस नियम के अनुसार उसी अनुपात में किया गया है जो निर्विलयन में अंतरित आस्ति के बही मूल्य का ऐसे निर्विलयन से पूर्व निर्विलीन कंपनी के शुद्ध मूल्य का है।
(7) किसी निर्विलीन कंपनी द्वारा निर्विलीन कंपनी में मूल शेयरों के संबंध में प्राप्त मूल रकम को उपनियम (6) के अधीन इस प्रकार आर्इ रकम से घटाया हुआ माना जाएगा।
(8) जहां शेयरों का आबंटन या निर्गम किसी आस्ति के अर्जन या किसी दायित्व के निपटान के प्रतिफल के रूप में किया गया है तब ऐसे शेयर के निर्गम के लिए कंपनी द्वारा प्राप्त रकम का अवधारण निम्नलिखित सूत्र के अनुसार किया जाएगा।
प्राप्त रकम - क/ख
जहां
क = निम्न रकमों से निम्नतर कोर्इ रकम-
(क) वाणिज्य बैंकर द्वारा यथा अवधारित आस्ति या दायित्व का उसी अनुपात में उचित बाजार मूल्य, जो प्रतिफल के भाग के रूप में, शेयरों के निर्गम द्वारा कुल प्रतिफल का है:
(ख) आस्ति के अर्जन के लिए प्रतिफल की रकम या शेयरों के रूप में संदत्त दायित्व का निपटान, उस सीमा तक जहां तक उनका प्रत्यय कंपनी की शेयर पूंजी और शेयर प्रीमियम खाते में किया जाता है;
ख = प्रतिफल के भाग के रूप में कंपनी द्वारा निर्गम किए गए शेयरों की संख्या:
स्पष्टीकरण - इस उपनियम के प्रयोजनों के लिए, ''वाणिज्य बैंकर'' का वही अर्थ होगा जो उसका नियम 3 के उपनियम (8) के खंड (iv) के उपखंड (ख) में है।
(9) जहां शेयरों का निर्गम या आबंटन किसी कंपनी द्वारा, यथास्थिति, किसी फर्म के किसी कंपनी में संपरिवर्तन या कंपनी द्वारा सांपातिक समुत्थान के उत्तराधिकार द्वारा होता है, तब कंपनी द्वारा शेयरों के निर्गम के लिए प्राप्त रकम का अवधारण निम्नलिखित सूत्र के अनुसार किया जाएगा--
प्राप्त रकम = |
क - ख |
||
| ग |
क = तुलन पत्र में आस्तियों का बही मूल्य, जिसे स्रेात पर कटौती का संग्रह किए गए संदत्त कर की रकम से कम किया गया है या आय-कर अधिनियम के अधीन दावा किए गए कर की रकम से कम की गर्इ रकम के रूप में अग्रिम का संदाय और कोर्इ रकम जिसे तुलन-पत्र में आस्ति के रूप में उपदर्शित किया गया है, जिसके अंतर्गत आस्थगित व्यय की अवधारणा न की गर्इ रकम है, जो किसी आस्ति के मूल्य को नहीं दर्शाती है।
स्पष्टीकरण - आस्तियों के बही मूल्य का अवधारण करने के लिए आस्तियों के पुनर्मूल्यांकन के फलस्वरूप उनमें किसी परिवर्तन को गणना में नहीं लिया जाएगा।
ख = तुलन पत्र में उपदर्शित दायित्वों का बही मूल्य, किंतु इसके अंतर्गत निम्नलिखित रकम शामिल नहीं है, अर्थात्:-
(क) फर्म के, यथास्थिति, सांपातिक या भागीदारों की पूंजी, चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो :
(ख) आरक्षितियां और आधिक्य चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हों, जिसके अंतर्गत लाभ और हानि लेखे में शेष है;
(ग) संदत्त कर की रकम जिसे कटौती या संग्रह किए गए संदत्त कर की रकम से कम किया गया है या आय-कर अधिनियम के अधीन दावा किए गए कर की रकम से कम की गर्इ रकम के रूप में अग्रिम कर संदाय और कोर्इ रकम जिसे तुलन पत्र आस्ति के रूप में उपदर्शित किया गया है जिसके अंतर्गत आस्थगित व्यय की अपाकरण न की गर्इ रकम है जो किसी आस्ति के मूल्य को नहीं दर्शाती है से भिन्न, कोर्इ रकम जो कराधान के लिए उपबंध करता है;
(घ) स्रोत पर कटौती या संग्रहण या अग्रिम कर संदाय के रूप में संदत्त कर की रकम, जिसे आय-कर अधिनियम के अधीन प्रतिदाय के रूप में दावा किए गए कर की रकम से उसको लागू विधि के अनुसार बही खाता लाभ को निर्दिष्ट करते हुए संदेय कर से आधिक्य परिमाण तक घटा दिया गया हो, यदि कोर्इ है, से भिन्न कर के लिए उपबंध को उपदर्शित करने वाली कोर्इ रकम;
(ड़) अभिनिश्चित दायित्वों से भिन्न दायित्वों को चुकाने के लिए किए गए उपबंध को दर्शित करने वाली कोर्इ रकम; और
(च) आकस्मिक दायित्वों को दर्शित करने वाली कोर्इ रकम,
ग = संपरिवर्तन या उत्तराधिकार पर निर्गम किए गए शेयरों की संख्या।
(10) जहां शेयरों का निर्गम या आबंटन बिना किसी प्रतिफल के कंपनी की विद्यमान शेयर धृति के आधार पर किया गया है ऐसे शेयरों के संबंध में प्रतिफल को ''शून्य'' समझा जाएगा।
(11) जहां शेयरों का निर्गम अधिमानी शेयरों के या बांड या डिबेंचर, डिबेंचर-स्टाक या किसी रूप में निक्षेप प्रमाणपत्र या वारंट या कंपनी द्वारा जारी किसी अन्य प्रतिभूति के संपरिवर्तन पर किया गया है, इस प्रकार संपरिवर्तित किसी विलेख के संबंध में कंपनी द्वारा प्राप्त रकम।
(12) जहां क्रय द्वारा वापस लिए गए शेयरों को डीमैट रूप में धृत किया जाता है और उनकी सुभिन्न रूप से पहचान नहीं की जा सकती है, ऐसे शेयर के संबंध में कंपनी द्वारा प्राप्त रकम का अवधारण इस नियम के अनुसार पहले आओ पहले पाओ विधि के आधार पर किया जाएगा।
(13) किसी अन्य मामले में शेयर के अंकित मूल्य को शेयर के निर्गम के लिए कंपनी द्वारा प्राप्त रकम माना जाएगा।

