धारा 47(1)(क) के अधीन कृषि विस्तार परियोजना के अनुमोदन की प्रक्रिया ।
37. (1) कृषि विस्तार परियोजना (जिसे इसमें परियोजना कहा गया है) को अधिसूचना के लिए विचार किया जाएगा. यदि वह निम्नलिखित शर्तों को पूरा करती है:-
| (क) | परियोजना का कार्य किसानों के प्रशिक्षण, शिक्षा एवं मार्गदर्शन के लिए एक निर्धारिती द्वारा किया जाएगा: | |
| (ख) | प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की पहले से मंज़ूरी होनी चाहिए, और | |
| (ग) | प्रोजेक्ट पर रु. 25,00,000 से अधिक व्यय होने की उम्मीद है (किसी ज़मीन या भवन की कीमत के रूप में व्यय नहीं । |
(2) कोई भी परियोजना प्रारंभ करने से पहले, निर्धारिती को धारा 47(1)(क) के अधीन ऐसी परियोजना की अधिसूचना के लिए प्ररूप सं. 20 में सदस्य (आईटी), सीबीडीटी को आवेदन करना होगा।
(3) उपनियम (2) में निर्दिष्ट आवेदन के साथ निम्नलिखित भी संलग्न होंगे-
| (क) | कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार से परियोजना को मंजूरी देने वाला तथा परियोजना पर होने वाले अनुमानित व्यय की रकम निर्दिष्ट करने वाला पत्र; | |
| (ख) | निर्धारित द्वारा किए जाने वाले एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन प्रोजेक्ट पर एक डिटेल्ड नोट; और | |
| (ग) | प्रोजेक्ट पर होने वाले अनुमानित व्यय का ब्यौरा और प्रोजेक्ट के पूरा होने की अनुमानित दिनांका |
(4) जहां उपनियम (2) में निर्दिष्ट आवेदन में कोई दोष देखा जाता है या उसके साथ कोई सुसंगत दस्तावेज संलग्न नहीं किया गया है, तो बोर्ड अपने कार्यालय में आवेदन प्राप्त होने वाले माह की समाप्ति से एक माह की समाप्ति के पूर्व आवेदक को दोष के सुधार के लिए सूचित करेगा।
(5) आवेदक को उस माह के अन्त से एक माह की अवधि के अन्दर दोष दूर करना होगा जिसमें उसे सूचना पत्र संदत्त है।
(6) जहां आवेदक उपनियम (5) में उल्लिखित अवधि के भीतर कमी को दूर करने में विफल रहता है, तो बोर्ड उक्त उपनियम में निर्दिष्ट समय अवधि से एक महीने के भीतर आवेदन को अवैध मानते हुए आदेश पारित करेगा ।
(7) यदि आवेदन सभी मामलों में पूरा है तो बोर्ड तिमाही के अंत से दो महीने के भीतर जिसमें उसे ऐसा आवेदन प्राप्त होता है, परियोजना को निर्दिष्ट करते हुए प्ररूप संख्या 21 में धारा 47(1)(क) के अधीन एक अधिसूचना जारी करेगा, नियम 38 में उल्लिखित शर्तों या ऐसी अन्य शर्तों के अधीन, जैसा कि वह ठीक समझे, तीन कर वर्षों से अधिक अवधि के लिए प्रभावी होगी।
(8) निर्धारिती उपनियम (7) के अधीन जारी अधिसूचना की प्रभावी अवधि की समाप्ति से कम से कम तीन महीने पहले ऐसी परियोजना को आगे की अवधि के लिए अधिसूचित करने के लिए बोर्ड को आवेदन कर सकता है।
(9) बोर्ड उपनियम (8) के अधीन आवेदन प्राप्त होने के पश्चात मामले पर अधिकारिता रखने वाले आयकर आयुक्त से अधिसूचना की अवधि के दौरान परियोजना की गतिविधियों और नियम 38 में विनिर्दिष्ट शर्तों की पूर्ति, जिसमें कोई अन्य शर्तें, यदि कोई हों, सम्मिलित होंगी, जिनके अधीन परियोजना को उपनियम (7) के अधीन अधिसूचित किया गया था के संबंध में रिपोर्ट मांगेगा।
(10) परियोजना पर उपनियम (9) के अधीन प्राप्त रिपोर्ट से समाधान होने पर बोर्ड उस तिमाही की समाप्ति से दो महीने के भीतर, जिसमें उसे उपनियम (8) में निर्दिष्ट आवेदन प्राप्त होते हैं, उक्त परियोजना को तीन कर वर्षों से अधिक की अतिरिक्त अवधि के लिए अधिसूचित कर सकता है।
(11) बोर्ड, यह समाधान हो जाने पर कि--
| (क) | निर्धारिति ने अपनी गतिविधियां बंद कर दी हैं, या उसकी गतिविधियां वास्तविक नहीं हैं; या | |
| (ख) | इसकी गतिविधियाँ इस नियम या नियम 38 के सभी या किसी भी संबंधित उपबंधों के अनुसार नहीं की जा रही हैं; या | |
| (ग) | इसकी गतिविधियाँ उन सभी या किसी भी शर्त के अनुसार नहीं चलाई जा रही हैं जिनके अधीन अधिसूचना जारी की गई थी, |
सुनवाई का उचित अवसर प्रदान करने के पश्चात उपनियम ( 7) अथवा उपनियम ( 10) के अधीन जारी अधिसूचना को वापस लेने का आदेश पारित करेगा।
(12) अधिसूचना, अनुमोदन अस्वीकृति या निरस्तीकरण की एक प्रति निम्नलिखित को भेजी जाएगी-
| (क) | आवेदक: | |
| (ख) | कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार; | |
| (ग) | आवेदक पर अधिकार क्षेत्र रखने वाला आय कर आयुक्त; | |
| (घ) | संबंधित राज्य का कृषि विभाग, और | |
| (ङ) | संबंधित जिले की कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण | |

