बीमा या वार्षिकी स्कीम ।
307. (1) फायदाग्राहियों के लिए वार्षिकी प्रदान करने के प्रयोजन से, न्यासी-
| (क) | जीवन बीमा निगम अधिनियम, 1956 (1956 का 31) के अधीन स्थापित जीवन बीमा निगम या अधिनियम की धारा 2 (58) में यथापरिभाषित किसी अन्य बीमाकर्ता के साथ बीमा स्कीम में शामिल होगा; या | |
| (ख) | प्रत्येक फायदाग्राही के संबंध में अभिदाय संचय करना और प्रत्येक कर्मचारी की सेवानिवृत्ति या मृत्यु के समय या सेवानिवृत्ति से पहले उसके अक्षम हो जाने पर उक्त भारतीय जीवन बीमा निगम या किसी अन्य बीमाकर्ता से वार्षिकी क्रय करना । |
(2) उपनियम (1) के उपबंध किसी अप्रतिसंहरणीय न्यास के अधीन स्थापित या गठित किसी निधि पर लागू नहीं होंगे, जिसका एकमात्र प्रयोजन निम्नलिखित अधिनियमों के अधीन बनाए गए नियमों या विनियमों के अनुसार पेंशन या पारिवारिक पेंशन का संदाय करना है:-
| (क) | बैंककारी कंपनियां (उपक्रमों का अर्जन और अंतरण) अधिनियम, 1970 (1970 का 5); या | |
| (ख) | बैंककारी कंपनियां उपक्रमों का (अर्जन और अंतरण) अधिनियम, 1980 (1980 का 40): या | |
| (ग) | भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम, 1955 (1955 का 23); या | |
| (घ) | भारतीय स्टेट बैंक (समनुषंगी बैंक) अधिनियम, 1959 (1959 का 38); या | |
| (ङ) | राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक अधिनियम, 1981 (1981 का 61); या | |
| (च) | भारतीय औद्योगिक विकास बैंक अधिनियम, 1964 (1964 का 18); | |
| (छ) | भारतीय निर्यात-आयात बैंक अधिनियम, 1981 (1981 का 28); या | |
| (ज) | भारतीय औद्योगिक पुनर्निर्माण बैंक अधिनियम, 1984 (1984 का 62); या | |
| (झ) | भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक अधिनियम, 1989 (1989 का 39); या | |
| (ञ) | राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 (1987 का 53) |

