निधि धनराशि का विनिधान ।
303. (1) निधि में अभिदाय की गई, या ब्याज के रूप में प्राप्त या उपार्जित की गई, या किसी अन्य रूप में प्राप्त हुई सभी धनराशियाँ:
| (क) | भारत में डाकघर बचत बैंक खाते में जमा की जा सकेंगी, या | |
| (ख) | किसी अनुसूचित बैंक के चालू खाते या बचत खाते में जमा की जा सकेंगी, या | |
| (ग) | नियम 307 के अनुसार किसी बीमा योजना के अधीन संदाय या उस नियम में निर्दिष्ट वार्षिकी क्रय करने के लिए उपयोग की जा सकेंगी; |
(2) उपनियम (1) में यथाउल्लिखित अनुसार जमा या उपयोग न की गई कोई भी निधि भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 1, खंड 1 में प्रकाशित वित्त मंत्रालय (वित्तीय सेवा विभाग) की समय-समय पर यथासंशोधित तारीख 2 मार्च, 2015 की अधिसूचना संख्या फा. संख्या 11/14/2013- पीआर, के अनुसरण में विनिधान की जाएगी।

