आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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नियम संख्या. 30

नियम संख्या.

30

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

08/01/2026

धारा 45(3) (ग) के अधीन वैज्ञानिक अनुसंधान पर व्यय के लिए विहित प्राधिकारी तथा अनुमोदन की प्रक्रिया |

30. (1) धारा 45 (3) (ग) (1) से (111) के प्रयोजनों के लिए, राष्ट्रीय प्रयोगशाला या विश्वविद्यालय या भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान का प्रमुख, जैसा भी मामला हो, विहित प्राधिकारी होगा।

(2) धारा 45 (3) (ग) (iv) के प्रयोजनों के लिए, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार विहित प्राधिकारी होंगे।

(3) धारा 45 (3) (ग) के अधीन वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यक्रम का अनुमोदन प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रायोजक द्वारा प्ररूप 7 में किया जाएगा।

(4) यदि विहित प्राधिकारी को विश्वास हो कि वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यक्रम चलाना संभव हैं, तो इस नियम में विनिर्दिष्ट अन्य शर्तों के अधीन रहते हुए, वह लिखित में एक आदेश पारित करेगा, जिसमें प्ररूप सं. 8 में आवेदन प्राप्त होने वाले माह की समाप्ति से दो माह के भीतर ऐसे कार्यक्रम को मंजूरी दी जाएगी, जो अधिकतम पांच कर वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी होगा।

(5) उपनियम (4) के प्रयोजनों के लिए, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, उप सचिव के पद से अन्यून किसी अधिकारी को, वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यक्रम को उसके द्वारा अनुमोदित किए जाने के पश्चात, ऐसा आदेश जारी करने के लिए प्राधिकृत कर सकते हैं।

(6) किसी आवेदन को अस्वीकृत करने से पूर्व प्रायोजक को सुनवाई का उचित अवसर दिया जाएगा।

(7) धारा 45(3)(ग) के अधीन वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यक्रम का अनुमोदन निम्नलिखित शर्तों के अधीन होगा:-

(क) कार्यक्रम पूरी तरह से बाजार अनुसंधान, विक्रय संवर्धन, गुणवत्ता नियंत्रण, परीक्षण, वाणिज्यिक उत्पादन, शैली परिवर्तन, नियमित डेटा संग्रहण या इसी तरह की प्रकृति की गतिविधियों से संबंधित नहीं होना चाहिए;
(ख) राष्ट्रीय प्रयोगशाला, विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान या निर्दिष्ट व्यक्ति, जैसा भी मामला हो, प्रत्येक अनुमोदित कार्यक्रम के लिए एक अलग खाता बनाए रखेगा;
(ग) खाते की वार्षिक लेखा परीक्षा की जाएगी और उसकी एक प्रति प्रायोजक पर अधिकार क्षेत्र रखने वाले मुख्य आयकर आयुक्त को प्रत्येक आगामी कर वर्ष के लिए आयकर विवरणी प्रस्तुत करने के लिए धारा 263(1) (ग) में निर्दिष्ट नियत दिनांक को या उससे पूर्व उपलब्ध कराई जाएगी;
(घ) निम्नलिखित जानकारी या कथन या रिपोर्ट प्रायोजक पर अधिकार क्षेत्र रखने वाले मुख्य आयकर आयुक्त को प्रस्तुत की जाएगी:--
(अ) अवधारित प्राधिकारी द्वारा कार्यक्रम को मंजूरी देने की दिनांक से तीन महीने की अवधि के भीतर प्ररूप संख्या 10 में एक रिपोर्ट, जिसमें अनुमोदित कार्यक्रम के कार्यान्वयन की प्रगति और प्रायोजक तथा राष्ट्रीय प्रयोगशाला, विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान या निर्दिष्ट व्यक्ति, जैसा भी मामला हो, द्वारा उस पर किए गए वास्तविक व्यय को दर्शाया गया हो;
(आ) अनुमोदित कार्यक्रम के पूरा होने पर प्रायोजक और राष्ट्रीय प्रयोगशाला, विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान या निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा संयुक्त रूप से किए गए अनुसंधान गतिविधियों और प्राप्त परिणाम की मुख्य विशेषताओं और वाणिज्यिक उपयोग के लिए इसके आगे के आवेदन पर रिपोर्ट की एक प्रति के साथ एक पूर्णता प्रमाण पत्र;
(इ) राष्ट्रीय प्रयोगशाला, विश्वविद्यालय या भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रमुख या भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार द्वारा कार्यक्रम के पूरा होने के छह महीने के भीतर अनुमोदित कार्यक्रम के लिए लेखा परीक्षित विवरण की एक प्रति;
(ङ) अवधारित प्राधिकारी प्रोग्राम का समय नहीं बढ़ाएगी या व्यय में किसी वद्धि को मंजूरी नहीं देगी; और
(च) राष्ट्रीय प्रयोगशाला, विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान या निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा अनुमोदित कार्यक्रम के निष्पादन के लिए अर्जित आस्तियों का निपटान प्रायोजक पर क्षेत्राधिकार रखने वाले मुख्य आयकर आयुक्त के अनुमोदन के बिना नहीं किया जाएगा।

(8) राष्ट्रीय प्रयोगशाला, विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान या निर्दिष्ट व्यक्ति प्ररूप सं. 9 में वैज्ञानिक अनुसंधान के किसी अनुमोदित कार्यक्रम को चलाने के लिए भुगतान की रसीद जारी करेगा।

(9) प्रायोजक, उपनियम (4) के अधीन पारित आदेश की प्रभावी अवधि की समाप्ति से कम से कम तीन माह पूर्व, नया आदेश पारित करने के लिए विहित प्राधिकारी को आवेदन कर सकेगा।

(10) इस नियम के प्रयोजनों के लिए,

(क) "लेखापरीक्षित" से लेखाकार द्वारा लेखापरीक्षा अभिप्रेत है, जैसा कि धारा 515 (3) (ख) में परिभाषित है; और
(ख) "प्रायोजक' से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो फार्म संख्या 7 में आवेदन करता है।

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